भारत-यूके एफटीए को जल्द लागू करने की जरूरत, ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे का यूकेआईबीसी ने किया स्वागत

भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) ने ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय मामलों के सचिव पीटर काइल के भारत दौरे का स्वागत किया है। यूकेआईबीसी ने कहा कि दोनों देशों को भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम करना चाहिए। इस दौरान पीटर काइल ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर एफटीए को शीघ्र प्रभाव से लागू करने पर चर्चा की।

व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

यूके और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार का वर्तमान मूल्य लगभग 48 अरब पाउंड प्रतिवर्ष है। एफटीए लागू होने के बाद यूके के 99% और भारत के 90% शुल्क (टैरिफ) उदार बनाए जाएंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निर्यात प्रक्रिया अधिक आसान, तेज और किफायती हो जाएगी।

व्यापक समझौते के रूप में देखा जा रहा एफटीए

जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित भारत-यूके एफटीए को यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद ब्रिटेन का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता माना जा रहा है। इस समझौते में व्यापार, नवाचार, श्रम, पर्यावरण और लैंगिक सहयोग समेत 30 अध्याय शामिल हैं। इसे भारत के अब तक के सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है।

कारोबार और उपभोक्ताओं के लिए नए अवसर

यूकेआईबीसी के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर जयरामन ने कहा कि दुनिया की चौथी और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह व्यापक व्यापार समझौता वर्षों की सावधानीपूर्वक वार्ताओं के बाद अंतिम चरण में पहुंचा है। मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में यह समझौता भारत और यूके के व्यवसायों तथा उपभोक्ताओं के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापार सचिव पीटर काइल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं कि कारोबारी समुदाय को जल्द से जल्द इस समझौते का लाभ मिल सके।

वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय रहा यूकेआईबीसी

यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल ने एफटीए वार्ताओं के दौरान उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और दोनों देशों की सरकारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा। संगठन का कहना है कि यूके और भारत के बीच व्यापार एवं निवेश में बढ़ती तेजी दोनों देशों के कारोबारी समुदाय के दीर्घकालिक भरोसे और भविष्य उन्मुख आर्थिक साझेदारी की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है उद्देश्य

यूकेआईबीसी एक गैर-लाभकारी नीति वकालत और रणनीतिक परामर्श संगठन है, जिसका उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देना है। संगठन दोनों देशों के व्यवसायों और विश्वविद्यालयों को नए अवसर तलाशने, बाजार में प्रवेश करने और विस्तार करने के लिए रणनीतिक एवं व्यावहारिक सहयोग प्रदान करता है। यूकेआईबीसी का मानना है कि मजबूत भारत-यूके आर्थिक साझेदारी दोनों देशों में समृद्धि, रोजगार और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।