भारत और अमेरिका की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच अंतर घटकर करीब 2 प्रतिशत अंक रह गया है। यह अंतर लगभग दो दशकों के सबसे निचले स्तर के करीब है। जेफरीज की India Equity Strategy रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच महंगाई के अंतर में भी बड़ी कमी आई है, जिससे भारतीय बॉन्ड्स पर अमेरिका की तुलना में कम यील्ड प्रीमियम लंबे समय तक बना रह सकता है।
जेफरीज ने कहा कि भारत की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड पिछले दो महीनों में करीब 50 बेसिस पॉइंट बढ़ी है। यह बढ़ोतरी वैश्विक बॉन्ड यील्ड में हुई वृद्धि और मौद्रिक नीति के सख्त होने की उम्मीदों के बीच हुई है।
भारत-अमेरिका बॉन्ड यील्ड का अंतर वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दोनों बाजारों में निवेश से मिलने वाले रिटर्न और जोखिम की तुलना प्रभावित होती है।
जेफरीज के अनुसार, भारत और अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के बीच अंतर जहां करीब 20 साल के निचले स्तर पर है, वहीं पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच महंगाई का अंतर भी काफी कम हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2006-07 से वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान भारत की औसत कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन अमेरिका की तुलना में करीब 6.1 प्रतिशत अंक अधिक थी। यह अंतर वित्त वर्ष 2016-17 से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान घटकर करीब 1.5 प्रतिशत अंक रह गया।
जेफरीज का कहना है कि महंगाई के अंतर में संरचनात्मक कमी से भारतीय सरकारी बॉन्ड्स को अमेरिकी ट्रेजरी की तुलना में पहले के मुकाबले कम यील्ड प्रीमियम पर भी आकर्षक रहने में मदद मिल सकती है।
वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख बाजारों में सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़ी है। जेफरीज के अनुसार, अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से ऊपर चली गई है, जबकि जापान की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 3 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। ब्रिटेन और जर्मनी में भी बॉन्ड यील्ड बढ़ी है।
जेफरीज ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच महंगाई के अंतर में आई संरचनात्मक कमी यह संकेत देती है कि मौजूदा कम बॉन्ड यील्ड अंतर पहले के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ हो सकता है।
(इनपुट- एजेंसी)


