भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ओडिशा के लिए गेमचेंजर साबित होगा: सीएम मांझी

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने गुरुवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से हैंडलूम उत्पादों, समुद्री खाद्य पदार्थों और रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे ओडिशा को वैश्विक बाजारों में नई पहचान मिलेगी।

हैंडलूम और वस्त्र उद्योग को मिलेगा वैश्विक बाजार

मुख्यमंत्री मांझी ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के चलते ओडिशा की पारंपरिक हैंडलूम कारीगरी और आधुनिक रेडीमेड वस्त्र अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। टैरिफ में कमी से निर्यात सरल होगा और बुनकरों व हथकरघा कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि ओडिशा के पारंपरिक परिधान वैश्विक स्तर पर एक नया ट्रेंड स्थापित करेंगे।

रेयर अर्थ मिनरल्स से तकनीकी हब बनेगा ओडिशा

मोहन चरण मांझी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी साझेदारी से ओडिशा को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में उपलब्ध रेयर अर्थ मिनरल्स की बढ़ती वैश्विक मांग के चलते ओडिशा उन्नत तकनीकी कौशल का प्रमुख केंद्र बनेगा और इसके खनिज संसाधन वैश्विक प्रौद्योगिकी से जुड़ेंगे।

सी फूड निर्यात से मछुआरों को होगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और टैरिफ में कमी से अमेरिकी बाजार भारत के सी फूड के लिए खुलेगा। इससे ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के मछुआरों और किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

ओडिशा बनेगा ‘ब्लू इकोनॉमी’ का केंद्र

मोहन चरण मांझी ने कहा कि इस व्यापार समझौते से ओडिशा की समुद्री खाद्य अर्थव्यवस्था को नई पहचान मिलेगी। टैरिफ में कटौती के कारण अमेरिकी बाजार में ओडिशा के झींगे, मछली और अन्य समुद्री उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे राज्य ‘ब्लू इकोनॉमी’ का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में

इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। (इनपुट: आईएएनएस)