21/06/26 | 8:34 pm | Gurugram | Ministry of Power

Print

भारत 25-26 जून को 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी

भारत 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 25-26 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा में 11 वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और नवाचार पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आएंगे। यह जानकारी विद्युत मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई।

भारत की यह चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता है, इससे पहले वह 2012, 2016 और 2021 में भी इस अध्यक्षता का हिस्सा रह चुका है। वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं – ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात, ये सभी देश मिलकर दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

निर्धारित कार्यक्रम

वरिष्ठ ऊर्जा अधिकारियों की ब्रिक्स समिति की चौथी बैठक- 22-24 जून 2026, गुरुग्राम

ii. अन्य विषय: स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी और विद्युत उपकरणों के मानकों में सुधार

11 वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक: 25-26 जून 2026, गुरुग्राम

ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन (वर्चुअल)- 17-18 अगस्त 2026

11 वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक से ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास पर ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है, साथ ही सुरक्षित, किफायती, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणालियों की दिशा में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

विद्युत मंत्रालय ने कहा कि 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण (ब्रिक्स)” के व्यापक विषय द्वारा निर्देशित है। ऊर्जा ट्रैक के अंतर्गत, भारत ने ” सर्वेषां ऊर्जम् ” (सभी के लिए ऊर्जा) विषय को अपनाया है, जो सार्वभौमिक ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया भर के देश जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और बढ़ती ऊर्जा मांग की चुनौतियों से निपटते हुए ऊर्जा सुरक्षा, किफायती दाम और स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स ऊर्जा एजेंडा की प्राथमिकताएं भारत के सतत विकास के रास्ते से काफी मेल खाती हैं। भारत का यह रास्ता बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने, ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा तक पहुंच को बेहतर बनाने, ग्रिड की मजबूती बढ़ाने, सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाने और अपने ऊर्जा मिश्रण में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने पर केंद्रित है।

मंत्रालय के मुताबिक, विश्व में बिजली के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक और उपभोक्ता होने के साथ-साथ सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के नाते, भारत सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा को अपने विकसित भारत 2047 विजन का एक आधारशिला मानता है। यह बैठक भारत को एक सतत और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली के निर्माण में हुई अपनी महत्वपूर्ण प्रगति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी। (इनपुट-एजेंसी)

RELATED ARTICLES

03/09/26 | 11:34 am | 000 Crore Business

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देशभर में 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार होने की उम्मीद

देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर है। बड़े पैमाने पर लोग खरीदारी कर रहे हैं...

03/09/26 | 10:52 am | AI Data Centers

एआई डेटा सेंटरों का विरोध करने वाले गंवा देंगे बड़ा आर्थिक अवसर : हॉवर्ड लटनिक

अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने कहा क‍ि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटरों को...

02/09/26 | 4:50 pm | Bangladesh Parliament Speaker

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त की संसद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से अहम मुलाकात

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बुधवार को जातीय संसद के अध्यक्ष मेजर (रिटा...