भारतीय वायु सेना ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ की विभीषिका के बीच एक साहसिक बचाव अभियान चलाकर 12 नागरिकों की जान बचाई है। डोंगाघाट गांव के पास इंद्रावती नदी के उत्तरी किनारे पर बनी कच्ची झोपड़ियों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
गहन तलाशी के बाद छत पर मिले फंसे नागरिक
रक्षा मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सेंट्रल एयर कमांड की एक टीम को जानकारी मिली कि इलाके में 10-12 नागरिक बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। गहन तलाशी के दौरान टीम को एक कच्ची झोपड़ी की छत पर जमा लोग दिखे। तेज बहाव के कारण छत के किसी भी पल गिरने का खतरा था।
गरुड़ कमांडो की हिम्मत भरी कार्रवाई
कम समय और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वायुसेना ने तुरंत अभियान शुरू किया। एक गरुड़ कमांडो को कमजोर छत पर उतारा गया। इसके बाद फंसे हुए नागरिकों को हवा में मंडरा रहे हेलीकॉप्टर में ऊपर खींच लिया गया। महिलाओं और बच्चों सहित कुल 12 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
जोधपुर में शुरू हुआ ‘एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026’ का ऑपरेशनल चरण
इसके अलावा, भारतीय वायु सेना ने रविवार को एयर फोर्स स्टेशन जोधपुर में ‘एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026’ के ऑपरेशनल चरण की शुरुआत की। शनिवार को उद्घाटन समारोह के बाद यह चरण शुरू हुआ है।
साझेदारी में शक्ति: सात देशों की भागीदारी
26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस बहुपक्षीय हवाई अभ्यास का विषय “पावर इन पार्टनरशिप” (साझेदारी में शक्ति) रखा गया है। इसमें ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित सात मित्र देशों की वायु सेनाएं भाग ले रही हैं।
अभ्यास में F-35 लाइटनिंग II, राफेल, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A जैसे विमान शामिल हैं। ये लड़ाकू, एयरलिफ्ट और हवा में ईंधन भरने की क्षमताओं का मिश्रण पेश करते हैं। 2024 के सफल संस्करण के बाद यह अभ्यास संयुक्त प्रशिक्षण, जानकारी के आदान-प्रदान और आपसी तालमेल को और मजबूत करेगा। कई अन्य देश ऑब्जर्वर के रूप में भी इसमें शामिल होंगे। (इनपुट-एजेंसी)


