संतूर ने जीता जापानी पीएम का दिल, भारतीय दूतावास ने विस्तार से दी जानकारी

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संतूर बजाकर भारतीय संगीत की विरासत को नई ऊंचाई दी है। टोक्यो में भारतीय दूतावास ने सोमवार को इस घटना पर विस्तार से जानकारी देते हुए संतूर की सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया।

घटना की जानकारी

2 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित लंच के दौरान पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया। एक संगीतकार के आमंत्रण पर जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची ने संतूर बजाने की कोशिश की और उपस्थित सभी लोगों से खूब सराहना बटोरी। 

भारतीय दूतावास का बयान 

इस पर भारतीय दूतावास ने कहा, “प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संतूर बजाने का प्रदर्शन दुनिया भर के दर्शकों को गहराई से प्रभावित करने वाला रहा। यह आकर्षक वाद्ययंत्र सदियों से भारत की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रहा है।”

https://x.com/IndianEmbTokyo/status/2076481674205135166?s=20

संतूर के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:

– संतूर एक हैमर्ड स्ट्रिंग इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें लगभग 100 तार होते हैं।

– इसे अखरोट की लकड़ी से बनाया जाता है और मेज़राब नामक हल्की लकड़ी की छड़ियों से बजाया जाता है।

– इसकी उत्पत्ति फारस (ईरान) मानी जाती है, लेकिन कश्मीर में इसका अनोखा विकास हुआ।

– प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में इसे ‘शत-तंत्री वीणा’ (सौ तारों वाली वीणा) कहा गया है।

– यह पारंपरिक रूप से सूफियाना मौसिकी में इस्तेमाल होता है।

आधुनिक लोकप्रियता

20वीं शताब्दी में पंडित शिवकुमार शर्मा ने संतूर को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में नया आयाम दिया और इसे वैश्विक मंच पर लोकप्रिय बनाया। भारतीय दूतावास ने इस अवसर को भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का सुनहरा मौका बताया। ताकाइची के संतूर बजाने के वीडियो ने सोशल मीडिया पर भी काफी ध्यान आकर्षित किया है। यह घटना भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और मजबूत करने का प्रतीक बन गई है। (इनपुट-एजेंसी)