भारत सरकार ने न्यूज पोर्टल ‘बलूचिस्तान टाइम्स’ और ‘बलूचिस्तान पोस्ट’ का एक्स अकाउंट किया बैन

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने एक और सख्त कदम उठाते हुए दो न्यूज पोर्टल्स बलूचिस्तान टाइम्स और बलूचिस्तान पोस्ट के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर देश में प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ अपनाए गए आक्रामक रवैये का हिस्सा है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक्स अकाउंट्स पर भी भारत में रोक

आपको बता दें, सोशल मीडिया पर कार्रवाई के तहत इससे पहले भारत ने पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक्स अकाउंट्स पर भी भारत में रोक लगाई थी। ख्वाजा आसिफ भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी और परमाणु हमले की धमकी देने के लिए चर्चा में थे।

कई पाकिस्तानी प्रमुख यूट्यूब चैनलों पर बैन

इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के कई प्रमुख यूट्यूब चैनलों, जैसे डॉन न्यूज, एआरवाई न्यूज, बोल न्यूज, जियो न्यूज, समा स्पोर्ट्स, इरशाद भट्टी, जीएनएन, और क्रिकेटर शोएब अख्तर के चैनल को भी प्रतिबंधित किया है।

इन प्लेटफॉर्म्स पर भारत विरोधी सामग्री को बढ़ावा देने का आरोप

सरकार की ये कार्रवाइयां भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का हिस्सा हैं। सरकार का कहना है कि पाकिस्तान से संचालित आतंकी गतिविधियां और भारत विरोधी प्रचार देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं। बलूचिस्तान टाइम्स और बलूचिस्तान पोस्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भारत विरोधी सामग्री को बढ़ावा देने का आरोप है, जिसके चलते इन पर प्रतिबंध लगाया गया।

आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तल्खी आई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने की रणनीति अपनाई है। भारत की ये कार्रवाइयां पाकिस्तान को साफ संदेश देती हैं कि आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फोर्स’ (टीआरएफ) ने ली थी, हालांकि बाद में उसने अपनी संलिप्तता से इनकार किया।

वहीं, इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करना और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं स्थगित करना शामिल है। (इनपुट-आईएएनएस)

 

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