हमारी अर्थव्यवस्था और पहचान का अहम हिस्सा है भारतीय रेलवे : डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी

केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा है कि भारतीय रेलवे केवल हमारी अर्थव्यवस्था का ही नहीं, बल्कि हमारी पहचान का भी अहम हिस्सा है। वे आंध्र प्रदेश के सुल्लुरुपेटा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकसित रूप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल उद्घाटन के बाद बोल रहे थे। यह स्टेशन ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत पुनर्विकसित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन दो करोड़ से अधिक यात्रियों को सफर कराता है और यह दुनिया का सबसे बड़ा नियोक्ता है।

डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि आज के भारत में बुनियादी ढांचा केवल सुविधा का विषय नहीं है, यह आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। हमें ऐसे स्टेशन चाहिए जो सुलभ हों, कुशल हों और हमारे राष्ट्रीय गर्व को दर्शाते हों। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे को देश की विकास योजना के केंद्र में रखा गया है। उनका दृष्टिकोण साफ है रेलवे अवसंरचना में बदलाव, यात्री अनुभव में सुधार और स्टेशनों को भारत के शहरी विकास से जोड़ना।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प

अमृत भारत स्टेशन योजना की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत देशभर के 1300 से अधिक स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। सुल्लुरुपेटा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर 14.5 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह स्टेशन आंध्र प्रदेश के पवित्र तिरुपति जिले में स्थित है और श्रीहरिकोटा, भारत के प्रमुख अंतरिक्ष केंद्र, का सबसे नजदीकी स्टेशन है।

आंध्र प्रदेश में रेलवे विकास की प्रगति की जानकारी देते हुए डॉ. पेम्मासानी ने बताया कि 2025-26 में रेलवे बजट 9,417 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो 2009–14 के मुकाबले 10 गुना से भी अधिक है। पिछले 11 वर्षों में राज्य में 414 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गईं, 1,217 किलोमीटर डबल की गईं और 3,748 किलोमीटर लाइन का विद्युतीकरण किया गया। इन वर्षों में कुल 41 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनकी कुल लागत 34,700 करोड़ रुपये है। उन्होंने यह भी बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में रिकॉर्ड 73 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। -(PIB)