यूपी में नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी, एक लाख और नियुक्तियों का लक्ष्य: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षकों, युवाओं और शिक्षा जगत के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सपा को माफिया की कब्र पर आंसू बहाने की चिंता है, लेकिन शिक्षकों के हितों की नहीं। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था, जबकि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के साथ शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाए हैं।

शिक्षक समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देते हैं, जबकि युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया है। यदि कोई मुद्दा शेष रह गया है, तो उसका भी समाधान किया जाएगा।

राज्यसभा चुनाव का हवाला देकर सपा पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 10 में से आठ सीटें भाजपा और दो सीटें सपा को मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, जबकि पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को दे दी। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया से कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।

सपा पर वादों से मुकरने का आरोप

मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी राजनीति को देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को प्रदेश के बजाय केवल अपने परिवार की चिंता रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से समाज में भेदभाव और बंटवारे को बढ़ावा देने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील की।

सपा सरकार में खाली थे शिक्षकों के 1.60 लाख पद

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। भाजपा सरकार ने इन पदों पर नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित किया गया।

शिक्षकों के हितों के लिए प्रभावी प्रतिनिधित्व जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी शामिल हैं। इसके अलावा, वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए तक के बीमा कवर का भी उल्लेख किया।

प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला भी बन रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाना है।

नई पेंशन योजना में सरकारी अंशदान 14% किया

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 के बीच शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना के तहत राशि जमा नहीं की गई और उनके खाते तक नहीं खोले गए थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई। साथ ही, नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान 10% से बढ़ाकर 14% किया गया।

सुरेश खन्ना बोले, शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख होगा अहम

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा प्रमुख की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। (इनपुट: आईएएनएस)