26/02/26 | 4:04 pm | e-RCT | Indian Railway | RailTech

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भारतीय रेलवे का बड़ा डिजिटल कदम, रेल टेक पोर्टल और e-RCT सिस्टम लॉन्च

भारतीय रेलवे ने तकनीक और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए दो बड़े सुधारों की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘52 Reforms in 52 Weeks’ पहल के तहत रेल टेक पॉलिसी और e-RCT सिस्टम को लॉन्च किया। इन सुधारों का उद्देश्य रेलवे में नवाचार को बढ़ावा देना और क्लेम ट्रिब्यूनल की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाना है।

रेल टेक पॉलिसी: नवाचार को मिलेगा नया मंच

नई रेल टेक पॉलिसी के तहत एक समर्पित RailTech Portal शुरू किया गया है, जहां स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स, इंडस्ट्री और संस्थान सीधे भारतीय रेलवे के साथ जुड़ सकेंगे। अब कोई भी मजबूत तकनीकी आइडिया रखने वाला व्यक्ति डिजिटल पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव दे सकेगा।

इस नीति में नवाचार के चयन की प्रक्रिया आसान की गई है और प्रोटोटाइप विकास व ट्रायल के लिए मिलने वाले अनुदान को पहले से अधिक बढ़ाया गया है। रेलवे ने ऐसे कई क्षेत्रों की पहचान की है जहां नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जैसे —

  • एआई आधारित हाथी घुसपैठ पहचान प्रणाली

  • कोच में एआई आधारित फायर डिटेक्शन

  • ड्रोन से रेल ट्रैक मॉनिटरिंग

  • फॉग में बाधा पहचान प्रणाली

  • सोलर पैनल और स्मार्ट कोच मॉनिटरिंग

मंत्री ने कहा कि यह नीति रेलवे में तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए बनाई गई है, जिससे सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

e-RCT सिस्टम: रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल पूरी तरह डिजिटल

सुधार नंबर चार के रूप में रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (RCT) को पूरी तरह डिजिटल बनाने की घोषणा की गई। अब दुर्घटना या अन्य रेलवे क्लेम मामलों के लिए यात्रियों को ट्रिब्यूनल जाने की जरूरत नहीं होगी।

नई e-RCT प्रणाली के तहत:

  • 24×7 ऑनलाइन e-Filing

  • ऑनलाइन सुनवाई (Hybrid Hearing)

  • केस की रियल-टाइम ट्रैकिंग

  • डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट

  • आदेश और फैसलों की तुरंत ऑनलाइन उपलब्धता

देशभर में मौजूद 23 रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल बेंच को अगले 12 महीनों में पूरी तरह डिजिटाइज करने का लक्ष्य रखा गया है।

यात्रियों और वकीलों को बड़ा फायदा

पहले केस दर्ज कराने, दस्तावेज जमा करने और सुनवाई के लिए बार-बार ट्रिब्यूनल जाना पड़ता था। अब नई डिजिटल व्यवस्था से समय, खर्च और प्रक्रिया की जटिलता कम होगी।

  • कहीं से भी ऑनलाइन दावा दर्ज

  • SMS और ई-मेल से तुरंत जानकारी

  • कम पेपरवर्क और पारदर्शी सिस्टम

  • तेज़ सुनवाई और फैसलों में सुविधा

तकनीक आधारित रेलवे की दिशा में कदम

भारतीय रेलवे का यह कदम तकनीक आधारित प्रशासन और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सरकार का फोकस अब ऐसे सिस्टम पर है जो यात्रियों के लिए आसान, तेज और पारदर्शी हों, साथ ही स्टार्टअप्स और युवाओं को रेलवे के साथ काम करने के नए अवसर मिलें।

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