केंद्र सरकार ने बुधवार को देश का पहला व्यापक AI गवर्नेंस फ्रेमवर्क जारी किया। यह दिशानिर्देश IndiaAI मिशन के तहत लाए गए हैं, जिसका उद्देश्य है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को देश में सुरक्षित, जिम्मेदार, और सबके लिए समावेशी तरीके से अपनाया जाने वाला बनाना।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार, यह लॉन्च India–AI Impact Summit 2026 से पहले एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दिखाता है कि भारत जिम्मेदार AI गवर्नेंस में नेतृत्व कर रहा है।
इन गाइडलाइन्स में शामिल हैं:
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7 नैतिक सिद्धांत (Ethical Principles)
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6 गवर्नेंस पिलर्स (शासन स्तंभों) पर सिफारिशें
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छोटे, मध्यम और लंबे समय की एक्शन प्लान टाइमलाइन
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उद्योग, डेवलपर्स और नियामकों (regulators) के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन
MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह फ्रेमवर्क मानव-केंद्रित (Human-Centric) है और जहां संभव हो, मौजूदा कानूनों का उपयोग करते हुए AI को नियंत्रित करने पर जोर देता है।
वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने कहा कि भारत के AI दृष्टिकोण का मूल सिद्धांत है — “Do No Harm” (किसी को नुकसान न पहुँचाओ)। उन्होंने बताया कि भारत का मॉडल Innovation Sandboxes और Risk Management सिस्टम के संतुलन के साथ एक लचीला नियामक ढांचा प्रदान करेगा।
MeitY के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि इन गाइडलाइंस को लोगों से सुझाव लेकर और विस्तृत समीक्षा के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि AI सबके लिए सुलभ (Accessible), किफायती (Affordable) और समावेशी (Inclusive) हो, साथ ही यह सुरक्षित, भरोसेमंद और नवाचार को बढ़ावा देने वाला हो।
कार्यक्रम के दौरान IndiaAI Hackathon for Mineral Targeting के विजेताओं की भी घोषणा की गई।
IndiaAI मिशन का उद्देश्य है — AI के लाभों का लोकतंत्रीकरण, तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाना, वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करना, और AI का नैतिक व जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना।
-(इनपुटःआईएएनएस)


