केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज भारत की पहली सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग ऐप भारत टैक्सी का शुभारंभ करेंगे। यह ऐप सरकार समर्थित है और ओला, उबर व रैपिडो जैसे मौजूदा प्लेटफॉर्म का विकल्प बनने का दावा करता है।
सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से शुरू हो रही यह सेवा Sahkar Taxi Cooperative Limited द्वारा संचालित की जाएगी। इसे ड्राइवर-स्वामित्व वाली सेवा के रूप में पेश किया गया है। शुरुआती चरण में जीरो कमीशन मॉडल अपनाया गया है, यानी सवारी का पूरा पैसा सीधे ड्राइवरों को मिलेगा।
अन्य ऐप्स की तरह, भारत टैक्सी मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से भी जुड़ती है, ताकि यात्री एक ही ऐप से कई माध्यमों में यात्रा की योजना बना सकें।
शुरुआती चरण में 100 प्रतिशत भुगतान ड्राइवरों को दिया जाएगा। बाद के चरण में सहकारी संस्था लगभग 20 प्रतिशत शुल्क रख सकती है, जिसे प्रोत्साहन के रूप में ड्राइवरों में ही बांटने की बात कही गई है।
यह ऐप सरज प्राइसिंग से बचने की योजना रखता है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में डायनामिक किराया लागू हो सकता है।
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। पिछले दो दिनों में हर दिन 40,000 से 45,000 नए यूज़र पंजीकरण कर रहे हैं।
जनवरी में मंत्रालय की एक पोस्ट के मुताबिक, भारत टैक्सी पर 4 लाख से अधिक ग्राहक पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं। यह ऐप Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है। गूगल प्ले स्टोर पर इसकी रैंकिंग नौवीं और एप्पल ऐप स्टोर पर तेरहवीं रही है।
सुरक्षा के लिए ऐप में आपात संपर्क को अलर्ट, सेफ्टी टीम से संपर्क और सायरन चालू करने जैसे विकल्प दिए गए हैं। पंजीकरण के लिए केवल मोबाइल नंबर, नाम और ई-मेल की जरूरत है।
ओला और उबर की तरह, भारत टैक्सी हवाई अड्डों पर तय पिक-अप और ड्रॉप ज़ोन बनाने की भी योजना रखता है, जिसे आगे अन्य परिवहन केंद्रों तक बढ़ाया जाएगा।
-(इनपुटःएजेंसी)


