केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हरियाणा में 10वें राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि सर्वोत्तम प्रथाएं और नवाचार भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार दे रहे हैं। इस अवसर पर नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव भी उपस्थित रहीं।
समग्र स्वास्थ्य सेवा में बदलाव पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने उपचारात्मक मॉडल से आगे बढ़कर निवारक, संवर्धक और समग्र स्वास्थ्य सेवा की दिशा में बड़ा परिवर्तन देखा है। उन्होंने बताया कि 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी और जन-केंद्रित बनाया है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की अहम भूमिका
नड्डा ने बताया कि देश में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। ये केंद्र गैर-संचारी रोगों की जांच और निवारक देखभाल को मजबूत कर रहे हैं, जिससे रोगों की समय पर पहचान और उपचार संभव हो पा रहा है।
स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार
उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव 79% से बढ़कर 89% हो गए हैं और मातृ मृत्यु दर में लगातार कमी आई है। बच्चों की मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मलेरिया और तपेदिक जैसे रोगों के नियंत्रण में भी भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।
गैर-संचारी रोगों पर फोकस जरूरी
स्वास्थ्य मंत्री ने बढ़ते गैर-संचारी रोगों को बड़ी चुनौती बताते हुए समय पर जांच, उपचार और रेफरल प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई।
हरियाणा के स्वास्थ्य मॉडल की सराहना
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में ‘केयर अभियान’ और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी के माध्यम से प्रतिदिन करीब 2 हजार टेलीकंसल्टेशन हो रहे हैं और स्वास्थ्य बजट बढ़ाकर लगभग 14 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है।
डिजिटल स्वास्थ्य और मुफ्त सेवाओं पर जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और आभा आईडी के एकीकरण से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी बनी हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में बाह्य रोगी देखभाल पर जेब से खर्च अब शून्य हो गया है।
कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहल शुरू
सम्मेलन में स्वस्थ भारत पोर्टल, जननी पोर्टल, 17वीं कॉमन रिव्यू मिशन रिपोर्ट और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के दूसरे चरण सहित कई पहल शुरू की गईं। इनका उद्देश्य सेवा वितरण को मजबूत करना, डिजिटल एकीकरण बढ़ाना और बच्चों व किशोरों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना है।
समावेशी और सशक्त स्वास्थ्य प्रणाली का लक्ष्य
नड्डा ने कहा कि संसाधनों के प्रभावी उपयोग, बेहतर समन्वय और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर ही मजबूत और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली बनाई जा सकती है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। (इनपुट: पीआईबी)


