केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को वर्चुअली संबोधित करते हुए सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस गंभीर बीमारी से निपटने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है।

रोकथाम, जांच और समय पर उपचार पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार की रणनीति में रोकथाम, नियमित जांच, प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार को प्रमुखता दी जा रही है, ताकि महिलाओं को इस बीमारी से बचाया जा सके और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित हो सके।

8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की हो चुकी है जांच

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के तहत अब तक 8.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच की जा चुकी है। साथ ही 30 से 65 वर्ष की महिलाओं के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे देशभर में जांच सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है।

एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना

इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भारत के एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क टीकाकरण अभियान बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

किशोरियों को टीका देने का लक्ष्य

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की भी प्रशंसा की। इस अभियान का लक्ष्य 1.2 करोड़ किशोरियों को टीका उपलब्ध कराना है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।

वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में भारत की सक्रिय भूमिका

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह टीकाकरण अभियान स्वैच्छिक भागीदारी और अभिभावकों की सहमति पर आधारित है, जो समुदाय के मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता के प्रति भारत के सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अपने नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।