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भारत का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई मई में बढ़कर 55 पर पहुंचा, नए ऑर्डर और उत्पादन में मजबूत वृद्धि

भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने मई 2026 में मजबूत गति दिखाई है। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में बढ़कर 55.0 पर पहुंच गया, जो अप्रैल के 54.7 और शुरुआती अनुमान (54.3) से काफी बेहतर है। यह लगातार मजबूत विस्तार का संकेत है और पिछले तीन महीनों में विनिर्माण क्षेत्र की सबसे अच्छी स्थिति दर्शाता है। इसके चलते कंपनियों ने स्टॉक जमा करना भी बढ़ा दिया।

मुख्य कारण

– नए ऑर्डरों में तेज वृद्धि 
– उत्पादन में मजबूत बढ़ोतरी 
– कंपनियों द्वारा खरीद गतिविधियां बढ़ाना 
– स्टॉक (भंडार) में वृद्धि

एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री का बयान

एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारत का अंतिम पीएमआई आंकड़ा दर्शाता है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कंपनियां एहतियात के तौर पर स्टॉक बढ़ा रही हैं। उत्पादन और खरीद दोनों में तेजी आई है। नए ऑर्डर मुख्य रूप से घरेलू मांग से बढ़े हैं, जबकि निर्यात ऑर्डरों की वृद्धि दर अपेक्षाकृत धीमी रही।

कीमतों का हाल

कच्चे माल और इनपुट लागत में बढ़ोतरी अप्रैल 2022 के बाद दूसरी सबसे तेज रही (केवल अप्रैल 2026 में इससे ज्यादा थी)। तैयार माल की कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार पिछले एक साल के औसत से कम रही।

क्षेत्रीय प्रदर्शन

इंटरमीडिएट और कैपिटल गुड्स क्षेत्रों में नए ऑर्डर व उत्पादन की वृद्धि उपभोक्ता वस्तुओं की तुलना में ज्यादा मजबूत रही। कंपनियों ने इस तेजी का कारण मजबूत घरेलू मांग, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नए कारोबारी अवसरों को बताया।

निर्यात के मोर्चे पर एशिया, यूरोप, केन्या, नाइजीरिया और पश्चिम एशिया से नए ऑर्डर मिले, हालांकि कुल निर्यात वृद्धि नरम रही। कुल मिलाकर मई के आंकड़े भारत के विनिर्माण क्षेत्र की मजबूत बुनियाद और घरेलू मांग की ताकत को रेखांकित करते हैं, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती लागत निर्माताओं के लिए चुनौती बनी हुई है।(इनपुट-एजेंसी)

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