सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के संयुक्त ड्रग नियंत्रक डॉ. आर. चंद्रशेखर ने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में “दुनिया की फार्मेसी” से आगे बढ़कर इनोवेशन-लीड फार्मा पावर बनने की मजबूत स्थिति में है।
वह ग्रेटर नोएडा में 25 से 27 नवंबर तक आयोजित 18वें CPHI & PMEC इंडिया कार्यक्रम में बोल रहे थे।
डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार और CDSCO द्वारा किए गए कई सुधार—जैसे तेज़ मंजूरी प्रक्रिया, नियामक परतों में कमी, गैर-गंभीर अपराधों का डिक्रिमिनलाइज़ेशन, और 5,000 करोड़ रुपये के R&D प्रोजेक्ट्स को मंजूरी—भारत के रिसर्च इकोसिस्टम को तेज़ी से मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये की नई हॉस्पिटल फाइनेंस स्कीम भी देश के R&D और मेड-टेक क्षेत्र को नई ऊर्जा देगी।
Pharmexcil के चेयरमैन नमित जोशी ने कहा कि भारत को अब पारंपरिक जेनेरिक मॉडल से आगे बढ़कर Innovation-led pharma nation बनने की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पेप्टाइड्स, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोसिमिलर्स, बायोलॉजिक्स और सेल-एंड-जीन थेरेपी को अगली पीढ़ी के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।
OPPI के महानिदेशक अनिल माटाई ने कहा कि भारत अब “Pharmacy to the World” से आगे बढ़कर एक सच्ची फार्मा पावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के सक्षम नियम, बेहतर प्रक्रियाएं और IPR सुरक्षा में सुधार इस परिवर्तन को गति दे रहे हैं।
-(इनपुटःएजेंसी)


