आईएनएस सुनयना ने बांग्लादेश नौसेना के साथ किया पासेक्स अभ्यास, समुद्री सहयोग हुआ मजबूत

आईएनएस सुनयना, जो भारतीय नौसेना की आईओएस सागर पहल के तहत तैनात है, बांग्लादेश नौसेना के साथ पेशेवर गतिविधियों, समुद्री सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से संपन्न सफल पोर्ट कॉल के बाद 10 मई 2026 को चट्टोग्राम से रवाना हो गया। जहाज वर्तमान में कोलंबो की ओर अग्रसर है। बांग्लादेश नौसेना द्वारा औपचारिक विदाई समारोह आयोजित कर जहाज को रवाना किया गया।

वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों से हुई मुलाकात

यात्रा के दौरान आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर ने बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें कमांडर बटालियन फ्लीट और कमांडर चट्टोग्राम नौसेना क्षेत्र शामिल थे, से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय समुद्री उद्देश्यों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। जहाज पर आयोजित स्वागत समारोह में बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जबकि भारतीय दल ने भी नौसेना द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन

दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच क्रॉस-डेक दौरे और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया गया। आईओएस सागर के चालक दल ने बांग्लादेश नौसेना अकादमी का दौरा कर अधिकारी कैडेटों और संकाय सदस्यों से बातचीत की। मैत्रीपूर्ण खेल गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और सौहार्द को और मजबूत किया।

बांग्लादेश नौसेना के साथ किया पासेक्स अभ्यास

चट्टोग्राम से रवाना होने के बाद आईओएस सागर ने बीएनएस प्रोटोय और बांग्लादेश नौसेना के हवाई संसाधनों के साथ पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) में भाग लिया। इस अभ्यास में समन्वित समुद्री गतिविधियां और उन्नत सतह युद्धाभ्यास शामिल थे, जिनका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता और संचालन सहयोग को बढ़ाना था।

हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग पर जोर

इस यात्रा और उसके बाद हुए पासेक्स अभ्यास ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत और बांग्लादेश की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। 16 सहयोगी देशों के कर्मियों के साथ आईओएस सागर क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती जारी रखे हुए है और इसका अगला पड़ाव श्रीलंका की राजधानी कोलंबो होगा। (इनपुट: पीआईबी)