डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच ईरान-रूस ने शुरू किया संयुक्त अभ्यास

अमेरिकी हमलों की आशंकाओं के बीच ईरान ने रूस के साथ युद्धाभ्यास शुरू किया है। दोनों देशों की नौसेना ओमान की खाड़ी व उत्तरी हिंद महासागर में उतरीं और ज्वाइंट ड्रिल की।

ईरानी सेना की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट के हवाले से न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने जानकारी दी कि ईरान की सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) और रूस की स्पेशल ऑपरेशन टीमों ने एक्सरसाइज के दौरान एक हाईजैक किए गए जहाज को छुड़ाने के लिए एक ऑपरेशन किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ड्रिल में ईरान के अलवंद डिस्ट्रॉयर, मिसाइल लॉन्च करने वाले वॉरशिप, हेलीकॉप्टर, लैंडिंग क्राफ्ट, स्पेशल ऑपरेशन टीम और कॉम्बैट स्पीडबोट शामिल थे। यह एक्सरसाइज इस हफ्ते की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में आईआरजीसी की ड्रिल के बाद हुई, जिसमें रणनीतिक जलमार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान के पास अपने परमाणु कार्यक्रम पर डील करने के लिए 10 से 15 दिन हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि इस समयसीमा से आगे बहुत बुरी चीजें होंगी। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि यह काफी समय होगा।”

पिछले हफ्ते, डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को मिडिल ईस्ट में तैनात करने का आदेश दिया, जिससे इस इलाके में पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को और मजबूती मिलेगी।

हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी वायु और नौसैनिक शक्ति में बढ़ोतरी हुई है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि अमेरिकी सेना इस हफ्ते तक ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है। एक और यूएस न्यूज आउटलेट, एक्सियोस ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने अनुमान लगाया है कि अगर ईरान के साथ परमाणु वार्ता विफल होती है, तो कुछ हफ्तों के अंदर हमले की 90 प्रतिशत संभावनाएं हैं।

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, हफ्तों तक बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल सकता है और इसे अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर चला सकता है। इस ऑपरेशन में ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को टारगेट किया जा सकता है और तेहरान की लीडरशिप के लिए बड़ा खतरा पैदा किया जा सकता है।

कल गुरुवार रात, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर शुरू में सीमित सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे हैं ताकि वह परमाणु डील से जुड़ी मांगों पर मजबूर हो सके। रिपोर्ट में कहा गया है, “शुरुआती हमले की मंजूरी मिलने की स्थिति में कुछ ही दिनों में हो सकता है। इस दौरान कुछ सैन्य और सरकारी ठिकानों को टारगेट किया जा सकता है।” (इनपुट-आईएएनएस)

 

 

 

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