देश में छोटे क्लीनिकों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डिजिटलीकरण को नई गति मिलने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 29 जून को ‘ई-सुश्रुत@क्लीनिक’ का शुभारंभ करेंगे। यह सी-डैक द्वारा विकसित एक हल्का, किफायती और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) सक्षम हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से छोटे आउट पेशेंट क्लीनिकों के लिए तैयार किया गया है।
छोटे क्लीनिकों के लिए तैयार किया गया किफायती डिजिटल समाधान
देश के अनेक छोटे क्लीनिक अब भी मरीजों के पंजीकरण, बिलिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन जैसे कार्य मैनुअल तरीके से करते हैं। बड़े हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम उनके लिए महंगे और जटिल साबित होते हैं। इसी चुनौती को देखते हुए सी-डैक ने ‘ई-सुश्रुत@क्लीनिक’ विकसित किया है, जो सरल, क्लाउड आधारित और कम लागत वाला डिजिटल समाधान उपलब्ध कराएगा। इसे सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, उप-केंद्रों और निजी क्लीनिकों में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी कई डिजिटल सुविधाएं
यह प्रणाली मरीजों के पंजीकरण, बिलिंग, एमआईएस रिपोर्टिंग, स्पीच-टू-टेक्स्ट, क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, एबीएचए खोज, स्कैन एंड शेयर जैसी एबीडीएम सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगी। डॉक्टरों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) आधारित ऑनबोर्डिंग अनिवार्य होगी। वर्तमान में 800 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और सैकड़ों डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, सी-डैक का ‘ई-सुश्रुत’ सॉफ्टवेयर देश के 15 से अधिक एम्स सहित कई सरकारी अस्पतालों में भी लागू किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सी-डैक के बीच होगा समझौता
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सी-डैक के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर होंगे। इसके तहत सॉफ्टवेयर के रखरखाव और उन्नयन की जिम्मेदारी सी-डैक निभाएगा, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण क्लाउड होस्टिंग, मरीजों को एसएमएस सेवाओं और अन्य तकनीकी सहायता के लिए वित्तीय सहयोग देगा। उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए कॉल सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
299 रुपए प्रति माह में मिलेगी सेवा, शुरुआती तीन महीने मुफ्त
ई-सुश्रुत@क्लीनिक की मासिक सदस्यता पांच उपयोगकर्ताओं के लिए 499 रुपए निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से 200 रुपए की सहायता मिलने के बाद इसकी प्रभावी कीमत केवल 299 रुपए प्रति माह होगी। साथ ही शुरुआती तीन महीने तक यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। पांच से अधिक प्रत्येक अतिरिक्त उपयोगकर्ता के लिए 50 रुपए प्रति माह का शुल्क लिया जाएगा।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को मिलेगी नई गति
सरकार का मानना है कि ई-सुश्रुत@क्लीनिक छोटे स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे मरीजों को बेहतर, तेज और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विस्तार को भी नई गति मिलेगी।


