सरकार ने जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू हवाई किराए को नियंत्रित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एयरलाइंस पर पूरी कीमत का बोझ डालने के बजाय केवल आंशिक बढ़ोतरी लागू की है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण ATF की कीमतों में 100% से ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका थी। लेकिन सरकार ने इस बढ़ोतरी को सीमित कर दिया है।
अब घरेलू एयरलाइंस को केवल करीब 25% यानी लगभग 15 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर झेलना होगा। इससे यात्रियों पर किराया बढ़ने का दबाव कम रहेगा।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरलाइंस को पूरी कीमत बढ़ोतरी का असर उठाना होगा, क्योंकि वहां कीमतें सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ी होती हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इस फैसले से यात्रियों को राहत मिलेगी और घरेलू विमानन क्षेत्र स्थिर बना रहेगा।
सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि व्यापार और माल ढुलाई (कार्गो) पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन महंगा हुआ है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा है।
हालांकि, इंडियन ऑयल के अनुसार, ATF की कीमतों में वास्तविक बढ़ोतरी करीब 8.5% ही हुई है और इसकी मौजूदा कीमत करीब 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर है।
-(इनपुटःएजेंसी)


