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पीएम स्वनिधि ‘स्ट्रीट फूड हब’ योजना में जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दिए जाने पर जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पीएम स्वनिधि पहल के तहत कठुआ जिले के लखनपुर में “स्ट्रीट फूड हब” स्थापित करने के लिए भारत सरकार के मंजूरी देने के निर्णय के बारे में जानकारी दी है। जम्मू-कश्मीर के विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनपुर को पहले चरण में मंजूरी प्राप्त कस्बों में शामिल करना, केंद्र सरकार की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत वह इस केंद्र-शासित प्रदेश में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और आजीविका को मज़बूत करने का काम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को कहा कि यह मंजूरी ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब श्री अमरनाथ जी यात्रा में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ है; यह नई सुविधा लखनपुर के रास्ते जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों के लिए सेवाओं को और बेहतर बनाएगी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को तेज़ी से आगे बढ़ाया और देश में स्वीकृत स्ट्रीट फूड हब के पहले बैच में लखनपुर को शामिल किया। उधमपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए, ताकि इस क्षेत्र के लोगों, खासकर स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे उद्यमियों को इस पहल का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर को दी जा रही प्राथमिकता का एक और उदाहरण है।

दरअसल, स्ट्रीट फूड हब पहल का उद्देश्य ऐसे व्यवस्थित, स्वच्छ और विश्व-स्तरीय वेंडिंग स्थान विकसित करना है, जो भारत की विविध खान-पान संस्कृति को बढ़ावा दें और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सम्मानजनक और टिकाऊ रोज़गार के अवसर भी पैदा करें। इस पहल का उद्देश्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को शानदार फूड स्ट्रीट्स में बदलना है, जहां आने वाले लोग सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिवेश में शुद्ध स्थानीय खाने का मज़ा ले सकें।

पीएम स्वनिधि के तहत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने देश भर में 50 स्ट्रीट फूड हब स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। उन शहरों और कस्बों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनमें पर्यटन की अधिक संभावनाएं हैं, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है और स्थानीय खान-पान की खास परंपराएं हैं। साथ ही, स्वदेश दर्शन, प्रसाद, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों और यूनेस्को क्रिएटिव शहरों जैसी पहलों के साथ तालमेल बिठाने वाले शहरों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रत्येक स्वीकृत परियोजना को 4 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी, जो तीन किस्तों- पहली किस्त के रूप में 30 प्रतिशत, दूसरी किस्त के रूप में 50 प्रतिशत और बाकी 20 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद- में दी जाएगी। इसके अलावा, जिन शहरों ने अपनी स्ट्रीट वेंडिंग योजना को अधिसूचित किया है, उन्हें 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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