28/08/24 | 10:41 pm

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जितिन प्रसाद ने अंतर्राष्ट्रीय फार्मा एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदर्शनी, IPHEX 2024 का किया उद्घाटन

केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत स्वास्थ्य सेवा का एक विश्वस्तरीय किफायती गंतव्य और फार्मा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश के रूप में उभरा है। केन्द्रीय मंत्री ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन -दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फार्मा एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदर्शनी (IPHEX 2024) का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग से दुनिया के स्वास्थ्य सेवा का संरक्षक बनने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत को पहले से ही ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम न केवल जेनेरिक क्षेत्र में अपनी ताकत पर ध्यान केन्द्रित करें, बल्कि अपने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को भी सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम उत्पादों के विकास का प्रयास करें और नए आधार तैयार करें।

केन्द्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से नवाचार व गुणवत्ता पर ध्यान केन्द्रित करने और विश्व बाजार के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता बहुत महत्वपूर्ण होगी। नए विकास और मैन्यूफैक्चरिंग से संबंधित अच्छी कार्यप्रणालियों से अवगत रहना महत्वपूर्ण है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एपीआई और चिकित्सा उपकरणों के लिए पीएलआई जैसी कई योजनाएं लेकर आई है।

जितिन प्रसाद ने कहा कि यह तीन-दिवसीय फार्मा एक्सपो आईपीएचईएक्स भारत के घरेलू उद्योग और दुनिया भर की बड़ी कंपनियों को आपस में जुड़ने एवं व्यापार करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा। उन्होंने फार्मा उद्योग से निर्यात बढ़ाने और विकास के उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी कहा।

केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत स्वास्थ्य सेवा का एक विश्वस्तरीय किफायती गंतव्य और फार्मा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश के रूप में उभरा है। केन्द्रीय मंत्री ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन -दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फार्मा एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदर्शनी (IPHEX 2024) का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग से दुनिया के स्वास्थ्य सेवा का संरक्षक बनने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत को पहले से ही ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम न केवल जेनेरिक क्षेत्र में अपनी ताकत पर ध्यान केन्द्रित करें, बल्कि अपने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को भी सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम उत्पादों के विकास का प्रयास करें और नए आधार तैयार करें।

केन्द्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से नवाचार व गुणवत्ता पर ध्यान केन्द्रित करने और विश्व बाजार के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता बहुत महत्वपूर्ण होगी। नए विकास और मैन्यूफैक्चरिंग से संबंधित अच्छी कार्यप्रणालियों से अवगत रहना महत्वपूर्ण है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एपीआई और चिकित्सा उपकरणों के लिए पीएलआई जैसी कई योजनाएं लेकर आई है।

जितिन प्रसाद ने कहा कि यह तीन-दिवसीय फार्मा एक्सपो आईपीएचईएक्स भारत के घरेलू उद्योग और दुनिया भर की बड़ी कंपनियों को आपस में जुड़ने एवं व्यापार करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा। उन्होंने फार्मा उद्योग से निर्यात बढ़ाने और विकास के उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी कहा।

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