उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राजदूत के कश्मीर दौरे को लेकर कहा- “हमारी समस्याएं उनका मसला नहीं” 

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के कश्मीर दौरे का स्वागत करते हुए उनसे मुलाकात और बातचीत की इच्छा जताई। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि क्षेत्रीय प्रशासन से जुड़े मामले पूरी तरह घरेलू हैं और किसी विदेशी राजदूत के सामने शिकायत करना उनकी आदत नहीं है।

विदेशी हस्तक्षेप को स्पष्ट नकारा, कहा- स्थानीय मुद्दे पूरी तरह घरेलू हैं

हाई-प्रोफाइल राजनयिक दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, “काफी समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहा है। हम उनसे बात करेंगे। मैं उनकी बात सुनना चाहूंगा।”  उन्होंने बातचीत का दायरा साफ करते हुए जोर दिया, “हमारी समस्याएं उनका मसला नहीं हैं। किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने अपनी समस्याओं की शिकायत करना मेरी आदत नहीं है। हमारी समस्याओं का समाधान वाशिंगटन नहीं, बल्कि हमारी अपनी सरकार करेगी। मैं उनसे जम्मू-कश्मीर के बारे में बात करूंगा।”

श्रीनगर में जलभराव पुरानी समस्या

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर के कुछ इलाकों में जलभराव से लोगों को हो रही परेशानी को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि यह समस्या पिछले दो-पांच सालों में नहीं, बल्कि बहुत पुरानी है। उमर अब्दुल्ला ने कहा, “न तो आप और न ही मैं जानता हूं कि ड्रेनेज व्यवस्था किए बिना कॉलोनियां बनाने की इजाजत किसने दी थी। अब हम इन कॉलोनियों में ड्रेनेज की व्यवस्था कर रहे हैं। समस्या वाले इलाकों की पहचान हो चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मिलते ही अतिरिक्त पंपिंग की व्यवस्था की जाती है।” 

अमेरिकी राजदूत ने व्यापारिक संबंधों पर जोर दिया

दूसरी ओर, मंगलवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिका-भारत व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने अनुमानित टैक्स सिस्टम, स्थिर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, मजबूत बौद्धिक संपदा सुरक्षा तथा एक्सपोर्ट कंट्रोल और टेक्नोलॉजी आदान-प्रदान पर खुली व भरोसेमंद बातचीत का आह्वान किया। गोर ने कहा, “हमें ऐसे अनुमानित टैक्स सिस्टम और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जरूरत है जो कारोबार को फलने-फूलने दें। हमें एक्सपोर्ट कंट्रोल और टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान पर खुलकर बात करने की जरूरत है… मजबूत इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सुरक्षा से इनोवेटर्स बिना डर के निवेश और नवाचार कर सकेंगे।”‘

ट्रस्ट इनिशिएटिव’ और रणनीतिक सहयोग

राजदूत ने दोनों देशों के व्यवसायों को संबंध मजबूत करने का श्रेय देते हुए एआई, टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, डिफेंस और एनर्जी क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों पर विशेष जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही ‘ट्रस्ट इनिशिएटिव’ शुरू की गई, जिसका उद्देश्य एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और जरूरी खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेज करना है। गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं और पहले दिन से ही इस रिश्ते को मजबूत करने में निवेश किया है। उन्होंने वैश्विक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया और दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट’ में बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी का जिक्र किया। (इनपुट-एजेंसी)