कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लॉन्च किया e-VSP पोर्टल, अब हिंदी में ऑनलाइन मिलेगी कानूनी जानकारी

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में विधि साहित्य प्रकाशन (VSP) के e-VSP पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए अब सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले, कानूनी पत्रिकाएं, संदर्भ पुस्तकें और अन्य कानूनी साहित्य हिंदी में ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।

यह पोर्टल वकीलों, न्यायिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को दुनिया के किसी भी हिस्से से हिंदी में कानूनी सामग्री तक आसान पहुंच प्रदान करेगा।

इस अवसर पर अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कानून की भाषा सरल, स्पष्ट और आम लोगों की समझ में आने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कानूनी जानकारी का डिजिटलीकरण बेहद जरूरी है, ताकि हर नागरिक आसानी से कानून को समझ सके।

उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी साहित्य केवल कानूनों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भारत की संवैधानिक भावना, सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को भी दर्शाता है।

विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने बताया कि e-VSP पोर्टल को इस तरह विकसित किया गया है कि कानून के छात्र, शिक्षक, वकील, न्यायपालिका के सदस्य और शोधकर्ता एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से विधि साहित्य प्रकाशन की सभी कानूनी किताबें, जर्नल और अन्य संदर्भ सामग्री डाउनलोड कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि यह पोर्टल www.vsp.gov.in पर उपलब्ध है।

विधायी विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि e-VSP पोर्टल के शुरू होने से हिंदी में कानूनी साहित्य की पहुंच देश और विदेश तक बढ़ेगी। साथ ही नई पीढ़ी के पाठकों को हिंदी कानूनी सामग्री से जोड़ने, कानूनी क्षेत्र में हिंदी को मजबूत बनाने और कानूनी प्रकाशनों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में संयुक्त सचिव डॉ. बृजेश सिंह और अश्वनी ने भी पोर्टल की विशेषताओं और इसके संचालन की जानकारी दी। इस दौरान दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड और हंसराज कॉलेज के छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

-PIB