लेदर और फुटवियर सेक्टर को 15 अरब डॉलर निर्यात का रखना चाहिए लक्ष्य : पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लेदर और फुटवियर उद्योग से अगले पांच से छह वर्षों में कम से कम 15 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया है।

काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स नेशनल एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2024-25 को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि इस सेक्टर में बड़े बदलाव और तेज विकास की क्षमता मौजूद है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में लेदर और फुटवियर उद्योग करीब 4 से 4.5 अरब डॉलर का निर्यात कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसे तीन गुना तक बढ़ाया जा सकता है।

पीयूष गोयल ने उद्योग से नए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का फायदा उठाने, नए बाजार तलाशने और गुणवत्ता, डिजाइन, ब्रांडिंग, स्थिरता और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारत के पास उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, अनुभवी कारीगर, कुशल कर्मचारी और ऐसे उद्योग विशेषज्ञ मौजूद हैं, जो वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत द्वारा किए गए नए FTA समझौते 38 विकसित देशों के बाजारों में भारतीय उद्योग के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यूके के साथ FTA 15 जुलाई से लागू होगा। वहीं यूरोपीय संघ (EU) के साथ समझौते को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।

गोयल ने कहा कि वह 14-15 जुलाई को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। भारत अपने उत्पादों और सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

उन्होंने निर्यात बाजारों में विविधता लाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत के लेदर निर्यात का 77 प्रतिशत हिस्सा अभी सिर्फ 15 देशों में जाता है। अब समय आ गया है कि दुनिया के अन्य बाजारों तक भी पहुंच बनाई जाए।

मंत्री ने कहा कि लेदर सेक्टर की संभावनाएं केवल फुटवियर तक सीमित नहीं हैं। बैग, वॉलेट, जैकेट, कपड़े और अन्य उत्पादों में भी इस उद्योग के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने उद्योग से आधुनिक तकनीक, रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ पारंपरिक कारीगरी को जोड़ने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि भारत अपनी पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक की मदद से लेदर और फुटवियर निर्यात में वैश्विक चैंपियन बन सकता है।

(इनपुटः एजेंसी)

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