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रायपुर एयरपोर्ट के एटीसी टावर पर गिरी आकाशीय बिजली, पांच फ्लाइट्स डाइवर्ट

छत्तीसगढ़ के रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर पर आकाशीय बिजली गिर गई। इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर का सिग्नल देने वाला उपकरण खराब हो गया, जिससे एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन में भारी बाधा उत्पन्न हो गई। 

आकाशीय बिजली गिरने से कंट्रोल रूम को फ्लाइट्स के संचालन से जुड़ा आवश्यक डेटा और सिग्नल मिलने में दिक्कत आने लगी

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, गर्जन के साथ आई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली सीधे एटीसी टावर के पास सिग्नल प्रणाली पर गिरी, जिससे कंट्रोल रूम को फ्लाइट्स के संचालन से जुड़ा आवश्यक डेटा और सिग्नल मिलने में दिक्कत आने लगी।

सुरक्षा की दृष्टि से एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उड़ानों को डाइवर्ट करने का निर्णय लिया, जिससे संभावित खतरे को टाल दिया गया

सुरक्षा की दृष्टि से एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उड़ानों को डाइवर्ट करने का निर्णय लिया, जिससे संभावित खतरे को टाल दिया गया। हैदराबाद से रायपुर आ रही फ्लाइट को भुवनेश्वर भेजा गया। कोलकाता से रायपुर की फ्लाइट को भी भुवनेश्वर डायवर्ट किया गया। दिल्ली से रायपुर की फ्लाइट को भोपाल डायवर्ट किया गया। मुंबई से रायपुर आने वाली फ्लाइट को नागपुर भेजा गया। एक अन्य फ्लाइट को भी वैकल्पिक एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोई नुकसान या बड़ी क्षति की सूचना नहीं है

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोई नुकसान या बड़ी क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन सिग्नल उपकरणों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को जल्द से जल्द सामान्य करने में जुटी है। एटीसी सिस्टम ठीक होने के बाद डाइवर्ट किए गए फ्लाइट्स को रायपुर में लैंड कराया जाएगा।

एटीसी सिस्टम जमीन-आधारित हवाई यातायात नियंत्रकों द्वारा संचालित एक सेवा है

बता दें कि एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सिस्टम जमीन-आधारित हवाई यातायात नियंत्रकों द्वारा संचालित एक सेवा है, जो हवा में और हवाई अड्डों पर विमानों के बीच टकराव को रोकने, सुरक्षित और व्यवस्थित हवाई यातायात प्रवाह को बनाए रखने के लिए डिजाइन की गई है।

रडार, संचार उपकरणों और मानवीय समन्वय का उपयोग करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भरें

यह रडार, संचार उपकरणों और मानवीय समन्वय का उपयोग करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भरें, अपनी मंजिल तक पहुंचें और नियंत्रित हवाई क्षेत्र के माध्यम से कुशलतापूर्वक आगे बढ़ें।(इनपुट-आईएएनएस)

 

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