लोकसभा ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी को मौजूदा मॉनसून सत्र के शेष अवधि के लिए सस्पेंड करने का प्रस्ताव पास कर दिया। उन पर महिला सांसदों के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे थे। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी।
प्रस्ताव तब पेश किया गया जब सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी सांसद केपी टेनेटी ने बताया कि लोकसभा स्पीकर को बनर्जी के कथित बर्ताव के खिलाफ लिखित शिकायत मिली है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बनर्जी ने संसद की कार्यवाही के दौरान “अनप्रेसिडेंटेड बिहेवियर” अपनाया और महिला सदस्यों तथा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के खिलाफ नफरत भरे अंदाज में अपशब्द कहे।
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार का तीखा हमला
इस मामले में टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार (बारासात) ने कल्याण बनर्जी पर सबसे तेज हमला बोला था। जून में उन्होंने बनर्जी को “बार-बार अपशब्द कहने” और “महिलाओं के प्रति नफरत भरी टिप्पणियां करने और गलत व्यवहार” करने वाला बताया था। दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर बनर्जी को सदन से निकालने की मांग की थी। उन्होंने 28 मई 2026 की पुरानी शिकायत का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बनर्जी बार-बार महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक, अनादरपूर्ण और अनुचित भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं।
दस्तीदार ने कहा था, “एक आदतन अपराधी और महिलाओं के प्रति नफरत रखने वाले व्यक्ति को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए।” कल्याण बनर्जी पश्चिम बंगाल से टीएमसी के सांसद हैं और सदन में अक्सर विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। इस बार सदन ने उनके व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए सस्पेंशन का निर्णय लिया है। यह घटना मॉनसून सत्र के दौरान सदन की गरिमा और अनुशासन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आई है। (इनपुट-एजेंसी)


