लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष के नारे और व्यवधान के बावजूद, सदन ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 83वीं वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया।
सत्यपाल मलिक और भारत छोड़ो आंदोलन के नायकों को किया याद
कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्यपाल मलिक के निधन की घोषणा की। सभी दलों के सदस्यों ने मौन धारण कर उनकी जनसेवा को सम्मान दिया। इसके बाद, सदन ने 9 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित
प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने “हमें न्याय चाहिए” और “वोट की चोरी बंद करो” जैसे नारे लगाकर माहौल को अशांत कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बार-बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामे के कारण मंत्रियों के जवाब सुनाई नहीं दिए। बिरला ने कहा, “पूरा देश आपको देख रहा है। आप हर दिन कार्यवाही को पटरी से उतारने के लिए जिम्मेदार हैं।”
सांसदों ने उठाए क्षेत्रीय मुद्दे
हंगामे के बीच कुछ सांसदों ने अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाने की कोशिश की। कालीचरण सिंह (भाजपा, चतरा) और राजेश मिश्रा (भाजपा, सीधी) ने स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की कमी पर सवाल किए। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन हंगामा बाधक रहा। उत्कर्ष वर्मा (सपा, खीरी) ने उर्वरक आपूर्ति और हरसिमरत कौर बादल (शिअद, बठिंडा) ने पंजाब में डीएपी की कमी का मुद्दा उठाया। तेदेपा और अन्य सांसदों ने भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताईं।
सत्र स्थगन, मानसून सत्र में बाधा
बढ़ते हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी। यह मानसून सत्र में कार्यवाही बाधित होने का एक और उदाहरण बन गया। (इनपुट-एजेंसी)


