त्रिपुरा के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री निधि के तहत राज्य को कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराएगी। इनमें 48 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें, तीन एमआरआई (MRI) मशीनें और तीन डिजिटल ब्रेस्ट टोमोसिंथेसिस (DBT) मैमोग्राफी सिस्टम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और त्रिपुरा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच इन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना और संचालन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री, जिनके पास स्वास्थ्य विभाग का भी प्रभार है, ने बताया कि इन अत्याधुनिक उपकरणों को धलाई, उत्तर त्रिपुरा और गोमती जिलों के जिला अस्पतालों में स्थापित किया जाएगा। इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से त्रिपुरा की स्वास्थ्य अवसंरचना लगातार मजबूत हो रही है।
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को भी मिली मंजूरी
इस बीच, केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने हाल ही में त्रिपुरा सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए गोमती जिले के उदयपुर में त्रिपुरा सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना को स्वीकृति दी है। यह संस्थान शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 60 सीटों के साथ बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) पाठ्यक्रम शुरू करेगा।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) ने राज्य के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य में आयुर्वेदिक शिक्षा और भारतीय चिकित्सा पद्धति को नई मजबूती देगा तथा युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
NCISM के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मुकुल पटेल ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में बताया कि सभी निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों के अधीन 2026-27 सत्र से 60 सीटों वाले नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है।
त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
वर्तमान में त्रिपुरा में तीन मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जहां लगभग 550 एमबीबीएस सीटें और करीब 200 स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटें उपलब्ध हैं। इनमें अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं जीबी पंत अस्पताल, त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज एवं डॉ. बी.आर. आंबेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल तथा त्रिपुरा शांतिनिकेतन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य में एक सरकारी डेंटल कॉलेज भी संचालित है, जिसमें प्रतिवर्ष 63 छात्रों का प्रवेश होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना को लगातार सुदृढ़ कर रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
-(इनपुटःएजेंसी)


