डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान 4.0 का लक्ष्य देशभर में दो करोड़ पेंशनरों तक पहुंचना है। यह अभियान 2,000 से ज़्यादा शहरों और कस्बों में चलाया जाएगा ताकि हर पेंशनर तक सुविधा पहुंच सके।
आज केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह नई दिल्ली के NDMC कन्वेंशन सेंटर में एसबीआई द्वारा आयोजित मेगा कैंप में शामिल होंगे। यहां वे फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र बनवाने वाले पेंशनरों से बातचीत करेंगे। साथ ही एसबीआई, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, UIDAI और NIC जैसी संस्थाएं तकनीक का प्रदर्शन करेंगी।
यह अभियान सरकार के ‘Digital India’ और ‘Ease of Living’ मिशन का हिस्सा है। अब पेंशनरों को बैंक या दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं होगी, वे आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
सरकार विशेष रूप से बहुत बुजुर्ग (सुपर सीनियर) और दिव्यांग पेंशनरों तक यह सेवा उनके घर के दरवाज़े पर पहुंचा रही है, जिसे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक संचालित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ने देशभर में बुजुर्गों के लिए पेंशन प्रक्रिया को काफी आसान बनाया है।
इस अभियान में बैंक, UIDAI, इंडिया पोस्ट, रेलवे, MeitY, NIC और पेंशनर्स एसोसिएशन्स जैसे सभी बड़े विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
NIC का पोर्टल रियल-टाइम में यह दिखाता है कि किस संस्था ने कितने DLC जारी किए हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि तकनीक के ज़रिए पेंशनरों का जीवन आसान बनाया जाए, पुराने नियमों को हटाया जाए और डिजिटल सशक्तिकरण बढ़ाया जाए।
-(इनपुटःएजेंसी)


