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वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में अमेरिका की बड़ी एंट्री, 65 अरब बैरल भंडार पर नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला के तेल उद्योग में निवेश बढ़ाने के प्रयास के तहत व्हाइट हाउस ने समझौते से जुड़ी कुछ नई जानकारी साझा की है। सोमवार को व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिका North American Blue Energy Partners (NABEP) के साथ मिलकर वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में काम करेगा।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका एक नई निजी कंपनी बनाएगा, जो NABEP के साथ संयुक्त उपक्रम के रूप में काम करेगी। NABEP के मालिक वेनेजुएला के कारोबारी अलेजांद्रो बेटनकोर्ट हैं। कंपनी फिलहाल वेनेजुएला में तेल उत्पादन करने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक है।

17 तेल क्षेत्रों पर 100 साल का अधिकार

समझौते के तहत वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज नई कंपनी को 17 तेल क्षेत्रों पर 100 साल के अधिकार देंगी। इन तेल क्षेत्रों में करीब 65 अरब बैरल प्रमाणित तेल भंडार होने की बात कही गई है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, इनमें से कई तेल क्षेत्र पहले रूसी या चीनी कंपनियों के स्वामित्व में थे।

पेंटागन को 35% हिस्सेदारी

समझौते की एक प्रमुख शर्त के तहत अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) को नई कंपनी में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। वहीं अमेरिकी विदेश विभाग को कंपनी के उत्पादन का 20 प्रतिशत हिस्सा लागत मूल्य पर खरीदने की गारंटी मिलेगी।

NABEP ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में नए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर निवेश करने पर सहमति जताई है।

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह समझौता अमेरिका के लिए “शून्य लागत” पर होगा। अमेरिकी सरकार को कंपनी के बोर्ड सदस्यों पर वीटो का अधिकार भी मिलेगा। बोर्ड में ज्यादातर सदस्य अमेरिकी नागरिक होंगे।

वेनेजुएला के तेल उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश

ट्रंप जनवरी में हुए सैन्य अभियान के बाद से वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इस अभियान में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को मादक पदार्थों की तस्करी और कथित नार्को-आतंकवाद से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।

ट्रंप और उनके सहयोगी इस समझौते को पश्चिमी गोलार्ध में एक नया बड़ा तेल केंद्र विकसित करने के अवसर के रूप में पेश कर रहे हैं। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने इस समझौते पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वेनेजुएला के तेल उत्पादन को पहले के स्तर पर लाने में कई साल लग सकते हैं।

व्हाइट हाउस ने कहा कि NABEP के पास अमेरिकी ऑडिटर, वकील और सलाहकार होंगे। अमेरिका और NABEP के बीच समझौता अमेरिकी कानून के तहत होगा और इससे जुड़े विवादों पर अमेरिकी अदालतों का अधिकार क्षेत्र होगा।

पूर्व अमेरिकी ऊर्जा सलाहकारों ने इस समझौते में राजनीतिक जोखिम की भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि भविष्य में वेनेजुएला या अमेरिका की नई सरकारें इस समझौते को चुनौती दे सकती हैं।

-(इनपुटः PTI)

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