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हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में गिरावट, आईटी और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली

भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को नुकसान के साथ लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी, इंफ्रा, ऑटो, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और फार्मा में बिकवाली देखी जा रही थी।

सुबह करीब 9 बजकर 27 मिनट पर सेंसेक्स 571 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,739.75 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 169.10 अंक या 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,340.60 स्तर पर बना हुआ था।

दूसरी ओर, निफ्टी बैंक 330.70 अंक या 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,223.55 स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 538.40 अंक या 0.91 प्रतिशत की गिरावट के बाद 58,930.20 स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 231.80 अंक या 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,873.20 स्तर पर था।

निफ्टी इंडेक्स को लेकर टेक्निकल फ्रंट पर मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा, “कल शुरुआती तेजी के बाद 25630/50 के लेवल से ऊपर न उठ पाने से 50 दिन का सिंपल मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड क्रमशः 25200 और 25088 के पास आ गया है। लेकिन फिर भी, 25400 का लेवल बुल्स को रिग्रुप करने का अवसर दे सकता है।”

इस बीच सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, एचसीएलटेक, एनटीपीसी और टीसीएस टॉप लूजर्स रहे। वहीं, सनफार्मा, इटरनल, आईटीसी, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर्स रहे।

एशियाई बाजारों में जापान, सोल, चीन और हांग कांग सभी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। केवल जकार्ता हरे निशान में कारोबार कर रहा था।

अमेरिकी बाजारों में आखिरी कारोबारी दिन डाउ जोंस 0.84 प्रतिशत या 398.70 अंक की गिरावट के बाद 46,912.30 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.12 प्रतिशत या 75.97 अंक की गिरावट के बाद 6,720.32 स्तर और नैस्डेक 1.90 प्रतिशत या 445.80 अंक की गिरावट के बाद 23,053.99 पर बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 6 नवंबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 3,263.21 करोड़ रुपए के भारतीय शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) इसी कारोबारी दिन शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 5,283.91 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की।

मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा, “अभी के मार्केट ट्रेंड की एक खास बात यह है कि डीआईआई, एफआईआई के मुकाबले अधिक खरीदारी कर रहे हैं। इसके बावजूद मार्केट नीचे की ओर जा रहा है। एफआईआई की भारी शॉर्टिंग मार्केट में डीआईआई और इन्वेस्टर की खरीदारी पर हावी हो रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत में लगातार सेलिंग करने और पैसे को सस्ते मार्केट में ले जाने की एफआईआई की स्ट्रैटेजी की सफलता ने उन्हें इस स्ट्रैटेजी को जारी रखने और मार्केट में शॉर्टिंग करते रहने के लिए बढ़ावा दिया है। शॉर्ट कवरिंग से ट्रेंड रिवर्सल हो सकता है, लेकिन अभी इसके लिए कोई तुरंत ट्रिगर नजर नहीं आ रहा है।

(इनपुट-आईएएनएस)

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