पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सुरक्षा बलों की कथित बर्बर कार्रवाई के विरोध में यूके के कश्मीरी समुदाय ने सोमवार को लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारी प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने पीओके में निर्दोष नागरिकों पर हिंसा, हत्याओं, गिरफ्तारियों और सख्त पाबंदियों की निंदा की तथा तत्काल मानवाधिकार बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन की मुख्य बातें:
– जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर बड़ी संख्या में कश्मीरी समुदाय के लोग एकत्र हुए।
– प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा जन आंदोलन को कुचलने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की।
– जेएएसी ने कहा कि ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी अपने पीओके के भाइयों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की ब्रिटेन इकाई ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पीओके में अब तक कई लोग मारे गए, सैकड़ों घायल हुए हैं और कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर भी शामिल हैं।
ब्रिटिश सांसद का बयान
ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने पाकिस्तान सरकार से तुरंत लॉकडाउन हटाने, संचार सेवाएं बहाल करने और शांतिपूर्ण संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के मानवाधिकारों का सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए।
सांसद इमरान हुसैन ने ब्रिटेन के विदेश सचिव को पत्र लिखा है, विदेश कार्यालय के मंत्रियों से मुलाकात की मांग की है और ब्रिटिश संसद में इस मुद्दे पर अर्ली डे मोशन भी पेश किया है, जिसे कई सांसदों का समर्थन प्राप्त हो रहा है।
यह प्रदर्शन पीओके में जारी तनाव और कथित दमन के बीच कश्मीरी डायस्पोरा द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाई गई मजबूत आवाज के रूप में देखा जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


