CMS-03 की सफलता पर बोले मंत्री और ISRO चीफ – ‘भारत की तकनीक नई ऊंचाइयों पर’

देश के सबसे भारी संचार उपग्रह (Communication Satellite) CMS-03 के सफल प्रक्षेपण पर केंद्रीय मंत्रियों और इसरो (ISRO) के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने खुशी जताई। यह सैटेलाइट भारतीय महासागर क्षेत्र में संचार, कनेक्टिविटी और समुद्री निगरानी को और मज़बूती देगा।

किसने क्या कहा?

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “बहुत बढ़िया ISRO! आप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पूरी टीम को शुभकामनाएं।”

  • संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत की स्पेस यात्रा ने एक और मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने लिखा, “CMS-03 के सफल लॉन्च के लिए इसरो और वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई। यह भारत के स्पेस सेक्टर की ताकत और दूरदर्शिता का उदाहरण है।”

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि “बहुबली” नाम से मशहूर LVM3-M5 रॉकेट इस सबसे भारी उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में लेकर गया। उन्होंने कहा, “इसरो एक के बाद एक सफलता की कहानी लिख रहा है… प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत समर्थन के लिए धन्यवाद।”

लॉन्च की खास बातें:

  • LVM3-M5 रॉकेट (जिसे बहुबली भी कहा जाता है) ने CMS-03 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक उसकी तय कक्षा में स्थापित किया।

  • इस लॉन्च ने भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और भारी सैटेलाइट लॉन्च करने की क्षमता को फिर साबित कर दिया।

  • इसरो प्रमुख डॉ. नारायणन ने कहा, “भारत ने अपने सबसे भारी GEO कम्युनिकेशन सैटेलाइट को लॉन्च कर इतिहास रच दिया है। भारतीय स्पेस सेक्टर अब और ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।”

विशेषज्ञों ने इस मिशन को “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया है। यह मिशन भारत की बढ़ती अंतरिक्ष ताकत और रणनीतिक क्षमताओं को दर्शाता है।

RELATED ARTICLES

13/10/26 | 1:01 am

भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस मंगरोल

भारतीय नौसेना ने 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित नौसेना गोदी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस मंगरोल (पी82...

09/10/26 | 5:37 pm | CDS General Anil Chauhan Karwar Naval Base

भारतीय नौसेना के बुनियादी ढांचे को मजबूती, सीडीएस ने कारवार बेस पर सुविधाओं का किया उद्घाटन

भारतीय नौसेना के कारवार अड्डे को और बड़े नौसैनिक केंद्र के रूप में विकसित करने का काम तेजी से आग...