शिक्षा मंत्रालय ने NMMSS योजना की समीक्षा की, छात्रवृत्ति वितरण में तेजी लाने पर जोर

शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) के प्रभावी क्रियान्वयन और आवेदन सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल में एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की। 14 अक्टूबर को हुई इस कार्यशाला में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन पंजीकरण, सत्यापन और छात्रवृत्ति वितरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को हर साल 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से योजना के संचालन की प्रक्रिया की समीक्षा की। इसमें राज्यों की ओर से संस्थान नोडल अधिकारियों (INO) और जिला नोडल अधिकारियों (DNO) के स्तर पर विद्यार्थियों के आवेदनों के सत्यापन में सामने आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई।

कार्यशाला में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए नए विद्यार्थियों के पंजीकरण, संस्थानों को पोर्टल से जोड़ने की स्थिति और आवेदन सत्यापन प्रक्रिया पर प्रस्तुतियां दी गईं। इसके अलावा, INO और DNO के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की कार्यप्रणाली का लाइव प्रदर्शन किया गया। योजना के तहत छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

कार्यशाला का नेतृत्व स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आर्थिक सलाहकार ए. सृजा ने किया। इसमें योजना के क्रियान्वयन से जुड़े राज्य, जिला और संस्थान स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के संयुक्त निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी के साथ भोपाल जिले के लगभग 40 जिला नोडल अधिकारी और पांच संस्थान नोडल अधिकारी भी शामिल हुए। योजना के कुछ चयनित लाभार्थी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर जमा किए गए आवेदनों के सही और समय पर सत्यापन में राज्य नोडल अधिकारियों (SNO), जिला नोडल अधिकारियों और संस्थान नोडल अधिकारियों की भूमिका पर जोर दिया।

योजना के लिए आवेदन पंजीकरण की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। संस्थान नोडल अधिकारियों को 15 नवंबर 2026 तक और जिला नोडल अधिकारियों को 30 नवंबर 2026 तक आवेदनों का सत्यापन पूरा करना होगा।कार्यशाला में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को योजना लागू करने के अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। उन्होंने पंजीकरण, सत्यापन और छात्रवृत्ति वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सामने आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा की।

मंत्रालय ने योजना के क्रियान्वयन में राज्य, जिला और संस्थान स्तर पर जिम्मेदारियां स्पष्ट करने तथा सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने और योजना के तहत पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या शून्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना केंद्र सरकार की योजना है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना, आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति कम करना और उन्हें बारहवीं कक्षा तक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को सालाना 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। चयन परीक्षा संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश आयोजित करता है, जबकि पंजीकरण, प्रमाणीकरण और छात्रवृत्ति का वितरण राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से किया जाता है।

-(इनपुटः पीआईबी)