मोदी-बेक्टेनोव वार्ता से भारत-कजाकिस्तान संबंधों को नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्जास बेक्टेनोव ने बुधवार को राजनीति, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, उभरती टेक्नोलॉजी और पीपुल-टू-पीपुल संपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने आए बेक्टेनोव के दौरे को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए अहम माना जा रहा है।

रणनीतिक साझेदारी को गति

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री ओल्जास बेक्टेनोव के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि इस दौरे से भारत-कजाकिस्तान स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और मजबूत होगी तथा व्यापार, एनर्जी, जरूरी मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, डिफेंस, कनेक्टिविटी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।

कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा

दोनों नेताओं ने राजनीति, ट्रेड, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, एनर्जी, उभरती टेक्नोलॉजी और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों सहित अनेक क्षेत्रों में जारी सहयोग की प्रगति का आकलन किया और इसे नई ऊंचाई देने पर सहमति जताई।

राजनयिक स्तर पर भी संवाद

हाल ही में कजाकिस्तान के राजदूत अजमत येसकारायेव ने विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी बीना जॉर्ज के साथ बैठक की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग के मौजूदा मुद्दों और इंटर-मिनिस्ट्रियल समन्वय को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

राजनीतिक सुधारों की जानकारी

कजाक पक्ष ने भारत को अपने देश में लागू प्रमुख राजनीतिक और संस्थागत सुधारों से अवगत कराया। शक्तियों के संतुलन को मजबूत करने, प्रेसिडेंशियल अथॉरिटी को सीमित करने और उपराष्ट्रपति कार्यालय की स्थापना जैसे कदमों को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।

पारदर्शिता और नागरिक हितों पर जोर

दोनों पक्षों ने पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के राज को सुदृढ़ करने के साथ नागरिकों के अधिकारों और जायज हितों की सुरक्षा से जुड़े कॉन्सुलर मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। (इनपुट: आईएएनएस)