एनआईएफटीईएम-कुंडली और मैसी विश्वविद्यालय के बीच एमओयू, खाद्य प्रौद्योगिकी में बढ़ेगा सहयोग

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अधीन कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम-के) और न्यूजीलैंड के मैसी विश्वविद्यालय के बीच खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। 2 जुलाई 2026 को हुए इस समझौते की मौजूदगी में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव एपी दास जोशी, संयुक्त सचिव देवेश देवल, एनआईएफटीईएम-कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अनुसंधान और अकादमिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, तृतीय-पक्ष वित्तपोषण के लिए संयुक्त आवेदन, सेमिनारों और अकादमिक बैठकों में भागीदारी, संकाय एवं शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान तथा छात्र गतिशीलता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। दोनों संस्थानों की ओर से नियुक्त समन्वयक इन सहयोगात्मक पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करेंगे।

पांच वर्षों तक रहेगा प्रभावी

यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसे अगले पांच वर्षों के लिए भी बढ़ाया जा सकेगा। एमओयू में दोनों पक्षों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। साथ ही इसे भविष्य में शैक्षणिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-बाध्यकारी ढांचे के रूप में तैयार किया गया है।

छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेंगे नए अवसर

इस सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी को मजबूती मिलने, खाद्य प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण में नवाचार को बढ़ावा मिलने तथा ज्ञान के आदान-प्रदान को गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा दोनों संस्थानों के छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों को अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग के नए अवसर उपलब्ध होंगे। (इनपुट: पीआईबी)