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एमएसएमई को मिलेगी नई उड़ान, एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन बदलेगा व्यापार परिदृश्य: फियो

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने केंद्रीय कैबिनेट की ओर से एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईएमपी) को मंजूरी देने के मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया है और इसे गेमचेंजर बताया है।

इस स्कीम का उद्देश्य देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता, एमएसएमई, फर्स्ट-टाइम एक्सपोर्ट्स और अधिक लेबर उपयोग वाले सेक्टर्स को मजबूत करना है। इस स्कीम का ऐलान आम बजट 2025-26 में किया गया था।

फियो के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा, “एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन भारत के व्यापार क्षेत्र के लिए एक व्यावहारिक और दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह मिशन वित्तीय और गैर-वित्तीय हस्तक्षेपों को एक एकीकृत फ्रेमवर्क के अंतर्गत लाकर वैश्विक व्यापार गतिशीलता के लिए आवश्यक निरंतरता, लचीलापन और जवाबदेही प्रदान करता है। यह विशेष रूप से एमएसएमई को सशक्त बनाएगा, जिन्हें अकसर किफायती वित्त और अनुपालन सहायता तक पहुंच में कठिनाई होती है।”

उन्होंने आगे कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन उन संरचनात्मक चुनौतियों के लिए एक समयोचित प्रतिक्रिया है, जो भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को लंबे समय से प्रभावित कर रही हैं, जिसमें वित्त तक सीमित पहुंच और उच्च अनुपालन लागत से लेकर कमजोर ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स बाधाएं शामिल हैं।

रल्हन के मुताबिक, इस मिशन के आने से निर्यात में निरंतरता सुनिश्चित होगी, रोजगार के अवसरों को पैदा किया जा सकेगा और नए क्षेत्रों में भारत के निर्यात आधार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मिशन के तहत, कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग गुड्स और समुद्री उत्पादों जैसे हालिया वैश्विक टैरिफ वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे निरंतर निर्यात ऑर्डर और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

इस मिशन के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगा, जो पारदर्शिता, गति और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन करेगा।

राल्हन के अनुसार, मौजूदा व्यापार प्रणालियों के साथ मिशन का डिजिटल एकीकरण निर्यातकों के अनुभव को बदल देगा और कागजी कार्रवाई कम होगी। साथ ही समन्वय में सुधार होगा और समय पर वितरण सुनिश्चित होगा।

निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम न केवल जमानत मुक्त ऋण प्रदान करेगी, बल्कि अतिरिक्त वित्तीय तरलता भी प्रदान करेगी, जो समय की आवश्यकता है।

(इनपुट-आईएएनएस)

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