पंचायती राज मंत्रालय 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में जन योजना अभियान 2026-27 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे और प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। कार्यशाला में वित्त वर्ष 2027-28 के लिए पंचायत विकास योजनाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सहभागी और प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।
वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे शामिल
कार्यशाला में पंचायती राज सचिव विनीत जोशी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के. के. मीणा और ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल सहित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। इसमें जन योजना अभियान के तहत अब तक हुई प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, पंचायतों की विकास प्रक्रिया में विषयगत पंचायत विकास योजनाओं की बढ़ती भूमिका पर भी विचार-विमर्श होगा।
अभियान की पुस्तिका का होगा विमोचन
कार्यशाला के दौरान जन योजना अभियान 2026-27 पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन पहलों के माध्यम से पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नए अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की गुणवत्ता पर चर्चा
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की गुणवत्ता, 16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले आबद्ध और अनाबद्ध अनुदान, पंचायतों के स्वयं के स्रोतों से राजस्व अर्जन तथा समर्थ पंचायत पोर्टल जैसे विषयों पर चर्चा होगी। आबद्ध अनुदान का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जबकि अनाबद्ध अनुदान के इस्तेमाल में निर्धारित नियमों के दायरे में पंचायतों को अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
ई-ग्रामस्वराज पोर्टल का होगा प्रदर्शन
कार्यशाला में ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर पंचायत विकास योजनाओं को अपलोड करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के लिए ओपन हाउस सत्र आयोजित होगा। इसमें वे अपने अनुभव साझा करेंगे तथा योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करेंगे।
400 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना
राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पंचायती राज विभागों, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य संस्थानों, जन योजना अभियान के राज्य नोडल अधिकारियों, राज्य और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों तथा संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों सहित लगभग 400 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यशाला का उद्देश्य पंचायतों की योजना निर्माण क्षमता को मजबूत करना और विकास प्रक्रिया में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर भी होंगे कार्यक्रम
राष्ट्रीय कार्यशाला के बाद राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को वित्त वर्ष 2027-28 के लिए विकास योजनाएं तैयार करने में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इन योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाने, जनभागीदारी बढ़ाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
क्या है जन योजना अभियान
जन योजना अभियान ग्राम पंचायत, प्रखंड पंचायत और जिला पंचायत विकास योजनाएं तैयार करने तथा उन्हें संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया के लिए रूपरेखा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर पंचायतों को विकास की योजनाएं बनाने में सक्षम बनाना है।
2018 से संचालित है अभियान
पंचायती राज मंत्रालय वर्ष 2018 से जन योजना अभियान संचालित कर रहा है। ‘सबकी योजना, सबका विकास’ की विषयवस्तु के साथ जन योजना अभियान 2026-27 की शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 को देशभर में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के साथ हुई। अभियान के तहत ग्राम सभा के परामर्श, विषयगत नियोजन, सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं और संसाधनों के अभिसरण के माध्यम से पंचायत विकास योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पंचायतों की विकास योजनाओं को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाना है। राष्ट्रीय कार्यशाला और इसके बाद होने वाले अभिविन्यास कार्यक्रमों से वित्त वर्ष 2027-28 की पंचायत विकास योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। (इनपुट: पीआईबी)


