NATS 2.0: प्रशिक्षुओं के बैंक खातों में सीधे वजीफे का भुगतान, केंद्रीय मंत्री ने कहा-केवल डिग्री नहीं कौशल पर भी ध्यान करें केंद्रित

नेशनल अप्रेंटिसशिप एंड ट्रेनिंग स्कीम 2.0 (एनएटीएस ) के तहत डीबीटी मोड के माध्यम से प्रशिक्षुओं को 100 करोड़ रुपये का वजीफा वितरित किया गया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पोर्टल भी लॉन्च किया। 

कौशल और रोजगार पर सरकार के फोकस के अनुरूप

वजीफा पाने वाले ये प्रशिक्षु आईटी, आईटीईएस, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह पहल युवाओं के कौशल और रोजगार पर सरकार के फोकस के अनुरूप है। एनएटीएस 2.0 पोर्टल का उपयोग बड़ी संख्या में लाभार्थियों द्वारा पंजीकरण और प्रशिक्षुता के लिए आवेदन करने के लिए किए जाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठान या उद्योग अपनी रिक्तियों और अनुबंधों का प्रबंधन करने के लिए पोर्टल का लाभ उठाएंगे। इसलिए, बड़ी संख्या में युवा स्नातकों और डिप्लोमा धारकों को रोजगार कौशल प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाएगी, साथ ही उन्हें मासिक वजीफा भी दिया जाएगा।

पोर्टल अवसर प्राप्त करने में करेगा मदद

इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एनएटीएस पोर्टल 2.0 अप्रेंटिसशिप को लोकतांत्रिक बनाने, कौशल की कमी को दूर करने, युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि पोर्टल अप्रेंटिसशिप के अवसरों की पहुंच को व्यापक बनाएगा और उम्मीदवारों एवं नियोक्ताओं के बीच तालमेल बैठाने में मदद करेगा।

केवल डिग्री नहीं कौशल के बारे में भी ध्यान करें केंद्रित

उन्होंने यह भी कहा कि यह तकनीक आधारित युग केवल डिग्री हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि दक्षताओं के निर्माण के बारे में भी है। उन्होंने कहा कि हमारे पाठ्यक्रम में रोजगार कौशल बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस वर्ष के बजट में भी कौशल और रोजगार को बढ़ावा देने पर बहुत जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे अप्रेंटिसशिप इकोसिस्टम में विविध और उभरते क्षेत्र शामिल होने चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से देश के जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों से एनएटीएस 2.0 पोर्टल से जुड़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हमें अप्रेंटिसशिप को एक जन आंदोलन बनाना होगा।

प्रशिक्षुओं के बैंक खातों में सीधे वजीफे का भुगतान 

भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि एनएटीएस के वजीफा लाभ समयबद्ध, कुशल और पारदर्शी तरीके से इच्छित प्रशिक्षुओं तक पहुंचाए जाएं, 2024 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) तंत्र के माध्यम से प्रशिक्षुओं के बैंक खातों में सीधे वजीफे के अपने हिस्से का भुगतान शुरू किया है। इसका उद्देश्य योजना के सभी लाभार्थियों को वजीफे में सरकार का हिस्सा प्रदान करने के लिए डीबीटी प्रणाली के उपयोग का विस्तार करना है।

एनईपी 2020 का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाना और शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों के बीच की बाधाओं को दूर करना है। यह छात्रों के लिए सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत करने पर जोर देता है। एनईपी 2020 के अनुरूप यूजीसी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के लिए दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया गया है।

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