नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित भारत के सपने को देगा नई उड़ान : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह परियोजना ‘विकसित भारत’ की दिशा में भारत की प्रगति का प्रतीक है। लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अत्याधुनिक हवाई अड्डे से महाराष्ट्र के किसानों को मध्य पूर्व और यूरोप के बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे निवेश बढ़ेगा और क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मुंबई ने अपने दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का स्वागत किया है, जो एशिया के प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्र बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह हवाई अड्डा न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक संपर्क को भी मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई में देश की पहली पूरी तरह भूमिगत मेट्रो प्रणाली का उद्घाटन भी किया गया है, जो यात्रियों के समय की बचत के साथ यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक मेट्रो प्रणाली भारत के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाएं मुंबई को विकास और अवसरों के वैश्विक केंद्र के रूप में और सशक्त बनाएंगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “विकसित भारत वही है जहां गति और प्रगति दोनों हों, जहां जनकल्याण सर्वोपरि हो और सरकारी योजनाएं हर नागरिक का जीवन आसान बनाएं। पिछले 11 वर्षों में हम इसी प्रतिबद्धता के साथ देशभर में कार्य कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और बड़े निवेश रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी ताकत हमारे युवाओं में है। इसलिए हमारी नीतियां रोजगार सृजन पर केंद्रित हैं। उदाहरण के लिए, वधावन जैसे बंदरगाह पर 76,000 करोड़ रुपये का निवेश न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि हजारों नौकरियां भी पैदा करेगा।”

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 2014 तक देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जबकि अब इनकी संख्या 160 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में हवाई अड्डों के निर्माण से लोगों को हवाई यात्रा का विकल्प मिला है। हवाई यात्रा को किफायती बनाने के लिए “उड़ान योजना” शुरू की गई थी, जिसके तहत पिछले एक दशक में लाखों लोगों ने पहली बार विमान यात्रा का अनुभव किया है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है, जिसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया गया है। यह मुंबई महानगर क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) के साथ मिलकर यातायात का बोझ कम करेगा। 1,160 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह हवाई अड्डा भविष्य में हर वर्ष 9 करोड़ यात्रियों और 3.25 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभालने की क्षमता रखेगा।

इस हवाई अड्डे में ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) प्रणाली होगी, जो सभी चार यात्री टर्मिनलों को जोड़कर यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी। साथ ही शहर की ओर जाने के लिए लैंडसाइड APM कनेक्टिविटी भी दी जाएगी। हवाई अड्डे में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के लिए विशेष भंडारण, लगभग 47 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन और इलेक्ट्रिक बस सेवा जैसी पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं भी होंगी। नवी मुंबई हवाई अड्डा देश का पहला ऐसा हवाई अड्डा होगा जो वाटर टैक्सी से जुड़ा होगा। प्रधानमंत्री ने मेट्रो लाइन-3 के फेज 2बी का भी उद्घाटन किया, जो आचार्य आत्रे चौक से कफ परेड तक फैला है और जिसकी लागत लगभग 12,200 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से मुंबई की कनेक्टिविटी, व्यापारिक अवसर और आर्थिक विकास की गति और तेज होगी। -(ANI)

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