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म्यांमार के भूकंप पीड़ितों के लिए 405 टन चावल लेकर पहुंचा नौसेना का जहाज

भूकंप से प्रभावित म्यांमार की सहायता के लिए भारत सरकार का ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ जारी है। भारतीय नौसेना का कहना है कि भारत की ओर से 405 टन चावल सहित 442 टन राहत सामग्री की एक नई खेप लेकर नौसेना का जहाज म्यांमार के शहर यांगून पहुंच चुका है।  

राहत सामग्री भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने यांगून क्षेत्र के मुख्यमंत्री यू सोई थीन को सौंपी

रविवार को इस विषय में जानकारी देते हुए नौसेना ने बताया कि नौसेनिक जहाज ‘आईएनएस घड़ियाल’ 405 टन चावल सहित 442 टन राहत सामग्री के साथ 5 अप्रैल को यांगून पहुंचा है। यह राहत सामग्री भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने यांगून क्षेत्र के मुख्यमंत्री यू सोई थीन को सौंपी है। म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए नौसेना ने अभी तक 512 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई है। 

म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करना भारतीय नौसेना के दृढ़ संकल्प का प्रमाण

हिंद महासागर क्षेत्र में प्रथम प्रक्रिया कर्ता के रूप में, भारतीय नौसेना के जहाजों द्वारा बड़े पैमाने पर राहत सामग्री पहुंचाना, म्यांमार में प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय नौसेना के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। गौरतलब है कि म्यांमार में 28 मार्च को विनाशकारी भूकंप आया था। इसके बाद से भारत सरकार ने म्यांमार के लोगों की मदद के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया। ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत एक अप्रैल को नौसेना के जहाज घड़ियाल को चावल, खाद्य तेल और दवाओं सहित करीब 442 टन राहत सामग्री के साथ म्यांमार के लिए रवाना किया गया था। 

भारत सरकार ने ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत यह मदद पहुंचाई है

वहीं, एक अप्रैल को म्यांमार में प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारतीय नौसेना के दो अन्य जहाज 30 टन राहत लेकर म्यांमार के यांगून पहुंचे थे। भारत सरकार के ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत यह मदद पहुंचाई गई है। इससे पहले भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री भी करीब 40 टन राहत सामग्री लेकर 31 मार्च को यांगून पहुंचे थे। 

राहत सामग्री में भूकंप पीड़ितों के लिए वस्त्र, पीने का साफ पानी, खानपान की वस्तुएं, दवाइयां आदि शामिल की गई हैं

वहीं आईएनएस कार्मुक और एलसीयू-52 लगभग 30 टन राहत सामग्री लेकर 30 मार्च को श्री विजयपुर से रवाना हुए थे। राहत सामग्री में भूकंप पीड़ितों के लिए वस्त्र, पीने का साफ पानी, खानपान की वस्तुएं, दवाइयां आदि शामिल की गई हैं। म्यांमार को सहायता पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में चल रहा है। भारतीय नौसेना भी इसमें अपना योगदान दे रही है। नौसेना ने राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यहां अपने जहाजों को समुद्र में उतारा है। 

नौसेना के जहाजों के जरिए लगभग 52 टन राहत सामग्री पहले ही पहुंचाई जा चुकी थी

समुद्री जहाजों से राहत सामग्री की आपूर्ति में विशेष मदद भी मिली है। नौसेना के जहाजों के जरिए लगभग 52 टन राहत सामग्री पहले ही पहुंचाई जा चुकी थी। जिसमें वस्त्र, पीने का पानी, खाद्य सामग्री, दवाइयां आदि शामिल हैं। म्यांमार में लोगों की मदद के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत एक विशेष चिकित्सा कार्य बल भी वहां तैनात किया है। मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति के साथ म्यांमार में है। राहत एवं बचाव ऑपरेशन के हिस्से के रूप में भारतीय सेना आपदा में घायल हुए लोगों की तत्काल देखभाल के लिए 60 बिस्तरों वाला चिकित्सा उपचार केंद्र भी स्थापित किया है। (इनपुट-आईएएनएस) 

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