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यूएनएफसीसीसी की एनडीसी रिपोर्ट में खुलासा: जलवायु योजनाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में आया उल्लेखनीय सुधार

संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) ने ‘राष्ट्रीय स्तर पर तय योगदान’ (एनडीसी) पर नई प्रगति की रिपोर्ट जारी की है। यूएनएफसीसीसी द्वारा जारी यह रिपोर्ट वर्ष 2025 के एनडीसी पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि अब देशों की जलवायु योजनाओं की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और आर्थिक दायरा पहले से बेहतर हुआ है।

रिपोर्ट में 1 जनवरी 2024 से 30 सितंबर 2025 के बीच प्रस्तुत राष्ट्रीय जलवायु योजनाएं शामिल हैं

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह रिपोर्ट ब्राजील में अगले महीने होने वाले ‘कॉप-30’ सम्मेलन से पहले जारी की गई। इस रिपोर्ट में 1 जनवरी, 2024 से 30 सितंबर, 2025 के बीच एनडीसी रजिस्ट्री में औपचारिक रूप से प्रस्तुत राष्ट्रीय जलवायु योजनाओं को शामिल किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, देशों का संयुक्त प्रयास उत्सर्जन घटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन गति अब भी पर्याप्त नहीं है

रिपोर्ट में बताया गया है कि 64 देशों ने अपने नए एनडीसी जमा किए हैं। ये देश 2019 के कुल वैश्विक उत्सर्जन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं। इन देशों ने अपनी नई जलवायु नीतियों में उत्सर्जन घटाने के अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देशों का संयुक्त प्रयास उत्सर्जन घटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन गति अब भी पर्याप्त नहीं है।

यह कदम न केवल पर्यावरण सुधार में मदद करेगा बल्कि आर्थिक स्थिरता, रोजगार, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी लाभ देगा

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अब कई देश अपनी पूरी अर्थव्यवस्था और समाज के स्तर पर जलवायु कार्रवाई को अपनाने लगे हैं। यह कदम न केवल पर्यावरण सुधार में मदद करेगा बल्कि आर्थिक स्थिरता, रोजगार, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी लाभ देगा।

अब भी तेज़ और गहरे स्तर पर उत्सर्जन घटाने की आवश्यकता है, ताकि इसके सकारात्मक प्रभाव हर देश और व्यक्ति तक पहुंच सकें

हालांकि रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि अब भी तेज़ और गहरे स्तर पर उत्सर्जन घटाने की आवश्यकता है, ताकि इसके सकारात्मक प्रभाव हर देश और व्यक्ति तक पहुंच सकें। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि कोप 30 से पहले वैश्विक प्रगति की एक व्यापक तस्वीर प्रदान करने के लिए यूएनएफसीसीसी ने अतिरिक्त गणनाएं भी की हैं, जिनमें हाल में जमा किए गए नए लक्ष्यों को जोड़ा गया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि पहली बार वैश्विक उत्सर्जन में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट 2035 तक संभव है।

रिपोर्ट बताती है कि प्रगति के बावजूद, उत्सर्जन में तेज़ और व्यापक कटौती की ज़रूरत है ताकि 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य सुरक्षित रहे

उन्होंने कहा, “उनका कहना है कि यह व्यापक तस्वीर, पहली बार वैश्विक उत्सर्जन में स्पष्ट रूप से गिरावट दिखाती है, 2035 तक लगभग 10 प्रतिशत की कमी आएगी। रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि स्पष्ट प्रगति तो दिख रही है, लेकिन उत्सर्जन में तेजी से और व्यापक कटौती करने और 1.5 (डिग्री सेल्सियस) की सीमा को पहुंच में बनाए रखने के लिए बड़ी तेजी की ज़रूरत है।”(इनपुट-आईएएनएस)

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