ग्लोबल ट्रेड मैप का नया सितारा न्यू इंडिया, अमेरिका-चीन को पछाड़ बनेगा ‘ग्रोथ इंजन’

आतंक के खिलाफ युद्ध के बीच भारत एक और बड़ी लड़ाई में ‘विजेता’ बनकर उभरा है। दुनिया में ट्रेड वार का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इस वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत एक ‘Safe Haven’ के रूप में देखा जा रहा है। यह आकलन दुनिया की शीर्ष निवेश बैंकिंग फर्मों में से एक जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने अपनी हालिया वैश्विक रिपोर्ट में किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 5 वर्षों में भारत न केवल एशिया बल्कि ग्लोबल ट्रेड मैप पर एक चमकता सितारा होगा।

ग्लोबल ट्रेड में तनाव बढ़ने के संकेत

जेपी मॉर्गन की Global Markets Outlook 2025 रिपोर्ट के मुताबिक जियोपॉलिटिकल तनाव, तकनीकी वर्चस्व की लड़ाई और सप्लाई चेन की पुनर्संरचना (supply chain realignment) जैसे फैक्टर्स के चलते दुनिया एक दूसरे व्यापार युद्ध (Trade War 2.0) की ओर बढ़ सकती है। रिपोर्ट में खासतौर पर अमेरिका-चीन, अमेरिका-यूरोप और अमेरिका-रूस के बीच तकनीकी और व्यापारिक विवादों को आगामी संकट की जड़ बताया गया है। इन सबके बीच अमेरिका-चीन नहीं बल्कि भारत ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरता नजर आ रहा है।

इन्वेस्टर्स की पहली पसंद नया भारत

जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ‘As geopolitical fragmentation intensifies, global corporations are increasingly seeking politically stable and economically growing destinations. India stands out as a resilient and investment-worthy safe haven in this evolving landscape.’ यानी ऐसे समय में जब कंपनियां जोखिम वाले क्षेत्रों से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं भारत एक स्थिर, भरोसेमंद और रणनीतिक निवेश स्थल के रूप में उभर रहा है।

भारत को ‘Safe Haven’ कहने के पीछे के ठोस आधार?

 1. मजबूत आर्थिक विकास दर:

 आईएमएफ़ की अप्रैल 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था 2025 में अनुमानित 7.2% की दर से बढ़ रही है जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ है। यह दर अमेरिका (2.1%) और चीन (4.8%) से भी अधिक है। 

2. नीति स्थिरता और सुधारों की निरंतरता:

 भारत सरकार ने PLI पॉलिसी, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और लॉजिस्टिक सुधारों के जरिए नीतिगत स्थिरता कायम की है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

3. यंग वर्कफोर्स और डेमोग्राफिक लाभ:

 देश की औसत आयु केवल 28 वर्ष है और हर वर्ष लाखों युवा वर्कफोर्स के तौर पर उभर रहे हैं, जिससे भारत को वैश्विक उत्पादन केंद्र (manufacturing hub) बनने में सहायता मिल रही है।

4. चीन+1 रणनीति का लाभ:

 वैश्विक कंपनियां, विशेषकर तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की भारत को चीन का विकल्प (China+1) मान रही हैं। Apple, Samsung, Tesla जैसी कंपनियों ने भारत में अपने निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

5. संतुलित कूटनीतिक स्थिति:

भारत ने लगातार अमेरिका, रूस, यूरोप और खाड़ी देशों के साथ संतुलित और सक्रिय कूटनीतिक संबंध बनाए रखे हैं जो व्यापार और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

आर्थिक अवसरों का नया दौर

ऐसे में भारत के लिए आर्थिक अवसरों का नया दौर शुरू हो गया है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में यह भी संकेत दिए गए हैं कि यदि ग्लोबल ट्रेड वॉर गहराता है तो भारत को कई क्षेत्रों में बड़ा लाभ हो सकता है। साल 2024-25 में भारत में 75 बिलियन डॉलर से अधिक FDI आने की संभावना जताई गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, EV, टेक्सटाइल और रक्षा क्षेत्र में उत्पादन में तेज़ी आ सकती है। वैश्विक कंपनियों के आगमन से लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विदेशी पूंजी प्रवाह से रुपया और शेयर बाज़ार को स्थायित्व मिल सकता है।

भारत की ग्लोबल इमेज को समर्थन

भारत को ‘Safe Haven’ मानने का नजरिया सिर्फ जेपी मॉर्गन तक सीमित नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर आशावादी हैं। IMF (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) ने भारत को ‘Bright Spot in Global Economy’ कहा है। Moody’s ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को ‘Stable Outlook’ के साथ बनाए रखा है। Goldman Sachs ने अनुमान लगाया है कि 2075 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

संकट में छुपा है भारत के लिए अवसर

जहां एक ओर दुनिया ट्रेड वॉर की आहट से चिंतित है, वहीं भारत ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। यह विचार अपने आप में एक ऐसी विजन है जिसके माध्यम से समावेशी, प्रगतिशील, सशक्त, समृद्ध और टिकाऊ भारत के निर्माण के लिए सामूहिक दृष्टिकोण तैयार किया जा रहा है। इसीलिए आज भारत के लिए यह एक रणनीतिक अवसर है। भारत लगातार अपनी नीतियों में निरंतरता, सुधारों की गति और बुनियादी ढांचे में निवेश बनाए हुए है यही वजह है कि आज वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा देश बनता जा रहा है।

 -(वरिष्ठ पत्रकार अमित शर्मा की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ है।)

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