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पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्र सरकार ने बढ़ाया PM-NAPS कार्यक्रम

केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर (North Eastern Region) के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (PM-NAPS) के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष हस्तक्षेप (Special Intervention) को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का संचालन भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE), गुवाहाटी करेगा।

सरकार ने इस चरण में 30,000 युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले पायलट चरण की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। इनमें 15,000 युवाओं को पूर्वोत्तर से बाहर सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और अन्य संस्थानों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, जबकि 15,000 युवाओं को पूर्वोत्तर क्षेत्र और उनके गृह राज्यों में ही अप्रेंटिसशिप उपलब्ध कराई जाएगी।

इस पहल के लिए केंद्र सरकार ने ₹57.58 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। यह राशि PM-NAPS के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (NER) घटक के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी युवा मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पायलट परियोजना की सफलता ने साबित किया है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर क्षेत्र के युवा अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं। योजना के विस्तार से गुणवत्तापूर्ण अप्रेंटिसशिप, उद्योगों की भागीदारी और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

नई व्यवस्था के तहत युवाओं को मिलने वाली ₹1,500 प्रति माह की अतिरिक्त वित्तीय सहायता का दायरा भी बढ़ाया गया है। पहले यह लाभ मुख्य रूप से उन प्रशिक्षुओं को मिलता था जो अपने गृह राज्य से बाहर अप्रेंटिसशिप करते थे। अब यह प्रोत्साहन राशि पूर्वोत्तर के अपने ही राज्य में प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षुओं को भी मिलेगी।

मंत्रालय के अनुसार, योजना के तहत केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दी जाएगी, बल्कि अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं, उद्योगों के साथ साझेदारी और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इसका लाभ पहुंच सके।

सरकार ने बताया कि मई 2025 में शुरू किए गए पायलट कार्यक्रम के नतीजे उत्साहजनक रहे। 26,000 प्रशिक्षुओं के लक्ष्य के मुकाबले 23,470 युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ा गया, जो लक्ष्य का 90 प्रतिशत से अधिक है। पूर्वोत्तर में अप्रेंटिसशिप की संख्या 15,562 (2024-25) से बढ़कर 23,470 (2025-26) हो गई, यानी 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

पायलट परियोजना के दौरान 13,673 युवाओं को अपने गृह राज्य से बाहर प्रशिक्षण मिला, जबकि 9,797 प्रशिक्षुओं को पूर्वोत्तर क्षेत्र के भीतर ही अवसर मिले। मेघालय में अप्रेंटिसशिप भागीदारी में 95 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वहीं महिला प्रशिक्षुओं की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और सरकारी व निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी।

सरकार का कहना है कि यह पहल स्किल इंडिया मिशन के तहत पूर्वोत्तर के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, रोजगार और बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

-PIB