Print

आईएसएल में लागू होगा नया मॉडल, 2026-27 सीजन में लौटेगा होम-अवे फॉर्मेट

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) प्रबंधन समिति ने लीग की व्यवस्था में बड़े बदलाव की घोषणा की है। नए मॉडल के तहत आईएसएल के व्यावसायिक अधिकारों की जिम्मेदारी क्लबों के पास होगी, जबकि एआईएफएफ प्रशासन और नियमों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेगा।

नई व्यवस्था में आईएसएल क्लब आधारित व्यावसायिक मॉडल पर काम करेगा। इसके तहत प्रसारण और प्रायोजन से जुड़े अधिकार आईएसएल प्रबंधन समिति देखेगी। वहीं, लीग के संचालन और नियमों की निगरानी एआईएफएफ के पास रहेगी।

एआईएफएफ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा कि महासंघ इस लीग को एशिया की बेहतरीन फुटबॉल लीग में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में खेल प्रशासन से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

नई प्रक्रिया के तहत आईएसएल प्रबंधन समिति प्रसारण साझेदार चुनने और व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने पर काम करेगी। वहीं, एआईएफएफ 2026-27 सीजन में हिस्सा लेने वाले सभी 14 क्लबों से उनकी भागीदारी की पुष्टि मांगेगा।

नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार तम्हाणे ने कहा कि क्लब आधारित मॉडल का उद्देश्य लीग को लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा कि यह प्रसारण आधारित मॉडल होगा, जिससे क्लबों और लीग को भविष्य में आर्थिक स्थिरता मिलेगी।

आने वाले सीजन में आईएसएल फिर से पूरे होम-अवे फॉर्मेट में खेला जाएगा। इसके तहत सभी टीमें अपने घरेलू मैदान और विपक्षी टीम के मैदान पर मुकाबले खेलेंगी।

एफसी गोवा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि पुस्कुर ने कहा कि पूरे सीजन के आयोजन से लीग को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

आईएसएल कैलेंडर को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कार्यक्रमों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसमें भारतीय क्लबों की एशियाई प्रतियोगिताओं में भागीदारी का भी ध्यान रखा जाएगा।

एआईएफएफ ने कहा कि राष्ट्रीय टीम की तैयारियों के लिए खिलाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर क्लबों के साथ बातचीत जारी है।

अधिकारियों का मानना है कि नया मॉडल भारतीय फुटबॉल को मजबूत करने और आईएसएल को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

(इनपुटः एजेंसी)