विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को वियतनाम को भारत की क्षेत्रीय भागीदारी को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत की Act East Policy, MAHASAGAR विजन और व्यापक Indo-Pacific Vision में वियतनाम की अहम भूमिका है।
जयशंकर ने कहा कि ASEAN के साथ भारत की Comprehensive Strategic Partnership के ढांचे में भी वियतनाम एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
भारत-वियतनाम संयुक्त आयोग की बैठक
नई दिल्ली में अपने वियतनामी समकक्ष ले होआई ट्रुंग के साथ बैठक के दौरान जयशंकर ने भारत-वियतनाम Joint Commission Meeting (JCM) के 19वें सत्र में आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। यह बैठक व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।
जयशंकर ने कहा कि 19वीं JCM दोनों देशों के बीच पहले किए गए समझौतों और प्रतिबद्धताओं की प्रगति की समीक्षा करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसका उद्देश्य शीर्ष स्तर पर बनी राजनीतिक गति को दोनों देशों के लोगों के लिए ठोस और वास्तविक परिणामों में बदलना है।
उन्होंने कहा, “वियतनाम भारत की Act East Policy, हमारे MAHASAGAR विजन और Indo-Pacific के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ASEAN के साथ हमारी Comprehensive Strategic Partnership के ढांचे में भी वियतनाम महत्वपूर्ण साझेदार है।”
विदेश मंत्री ने दो दिवसीय 18वें BRICS Summit में Partner Country के तौर पर भाग लेने के लिए वियतनामी प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग का आभार भी जताया। यह शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
जयशंकर ने कहा कि तीन साल पहले हुई Joint Commission की पिछली बैठक के बाद से भारत-वियतनाम संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच दो महत्वपूर्ण State Visits भी हुईं। इनमें वियतनाम के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम की मई में हुई भारत यात्रा सबसे हालिया थी।
उन्होंने कहा कि तो लाम की यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने संबंधों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership के स्तर तक बढ़ाया। जयशंकर ने कहा कि क्षेत्र में वियतनाम पहला देश है, जिसके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध इस स्तर तक पहुंचे हैं।
रक्षा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में BRICS Summit के दौरान वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वियतनाम भारत की Act East Policy और MAHASAGAR Vision का “key pillar” बना रहेगा।
दोनों नेताओं ने प्रस्तावित 2+2 Mechanism सहित रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, ऊर्जा, Rare Earths और Space के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने और दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने पर चर्चा की। इसके साथ ही दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
-(इनपुटः IANS)


