स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में उत्तरपूर्व तेज़ी से अग्रसर: प्रह्लाद जोशी

उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘समृद्धि के साथ सतत विकास’ के विज़न को साकार करते हुए देश स्वच्छ, हरित और ऊर्जा-सुरक्षित उत्तरपूर्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

गुवाहाटी (असम) में आयोजित ‘क्षेत्रीय नवीकरणीय ऊर्जा कार्यशाला’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर, जिसे ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा जाता है, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘ऊर्जा-लक्ष्मी’ में बदल रहा है।

जोशी ने कहा, “राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति सराहनीय है। हमने प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की और सौर, लघु जलविद्युत, हरित हाइड्रोजन और बायोमास क्षेत्रों में संभावनाओं को बढ़ाने के ठोस कदमों पर चर्चा की।”

इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि “उनका एकता का विज़न आज भी हमें देश को जोड़ने और सशक्त करने की प्रेरणा देता है।”

मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन, उद्योग और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश हुआ है। सभी उत्तरपूर्वी राज्य अब रेल, हवाई अड्डों और राजमार्गों से जुड़े हुए हैं, जिससे अभूतपूर्व विकास को गति मिली है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) द्वारा 2024-25 में परियोजनाओं पर किया गया व्यय 3,447.71 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है — जो पिछले वर्ष की तुलना में 74.4 प्रतिशत अधिक और तीन वर्षों में 200 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

नियमित समीक्षा तंत्र और ‘पूर्वोत्तर विकास सेतु’ (Poorvottar Vikas Setu) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग ने पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाई है। इससे 97 प्रतिशत परियोजनाओं का निरीक्षण और 91 प्रतिशत परियोजनाओं का संचालन सुनिश्चित हुआ है।

-(इनपुटःएजेंसी)