अब ऑस्ट्रेलिया के लोग भारतीय अनार का लेंगे स्वाद, मेलबर्न को भेजी गई अनार की पहली खेप

भारत अपने फल सब्जियों का दूसरे देशों में भी निर्यात कर रहा है। इसी क्रम में भारत ने मुंबई से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए अनार की पहली खेप भेजी है। इसको कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने मुंबई से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न तक भारतीय अनार की पहली खेप सफलतापूर्वक पहुंचा दी है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि एपीडा ने 31 अगस्त, 2024 को मुंबई से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न तक भारतीय अनार की पहली खेप भेजने में मदद की। मंत्रालय के मुताबिक यह सफल निर्यात न केवल वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में भारत की क्षमताओं को रेखांकित करता है, बल्कि नए राजस्व स्रोतों को खोलकर भारतीय किसानों को महत्वपूर्ण बढ़ावा भी देता है।

पहली खेप को मेलबर्न में सफलतापूर्वक मंजूरी

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय अनार की पहली खेप को मेलबर्न में सफलतापूर्वक मंजूरी मिल गई है। इसको एपीडा इंडिया पवेलियन में फाइन फूड ऑस्ट्रेलिया 2024 में प्रदर्शित किया गया, जिसने भारतीय अनार की वैश्विक अपील को और भी उजागर किया है। इस मील के पत्थर की खेप को एपीडा के साथ पंजीकृत मुंबई स्थित प्रमुख फल और सब्जी निर्यातक मेसर्स के बी एक्सपोर्ट्स द्वारा निष्पादित किया गया।

बागवानी फसलों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पाद देश

भारत बागवानी फसलों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, इसलिए महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अनार का प्रमुख उत्पादन होता है। एपीडा ने अनार के लिए विशेष रूप से निर्यात संवर्धन मंच (ईपीएफ) की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को दूर करना है। इन ईपीएफ मंचों में वाणिज्य विभाग, कृषि विभाग, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय रेफरल प्रयोगशालाओं और शीर्ष दस प्रमुख निर्यातकों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो अनार के निर्यात को बढ़ावा देने में सहयोगात्मक प्रयास सुनिश्चित करते हैं।

इन देशों को भी किया गया निर्यात

वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बांग्लादेश, नेपाल, नीदरलैंड, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, बहरीन और ओमान सहित बाजारों में 69.08 मिलियन अमरीकी डालर मूल्य के 72,011 मीट्रिक टन अनार का निर्यात किया।

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