NSA अजीत डोभाल ने की BIMSTEC देशों से सहयोग बढ़ाने की अपील, बोले- वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटना होगा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में BIMSTEC देशों को मिलकर काम करने, आपसी हितों के लिए ठोस फैसले लेने और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की जरूरत है।

नई दिल्ली में आयोजित 5वीं BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि दुनिया इस समय संघर्षों, भू-राजनीतिक अस्थिरता और तेजी से बदलती तकनीक से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं ने सभी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर असर डाला है। ऐसे समय में सहयोग और सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं।

BIMSTEC की अहम भूमिका पर जोर

NSA डोभाल ने कहा कि BIMSTEC हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे देशों को जोड़ता है। यह संगठन दुनिया की करीब 22 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इसके सदस्य देशों की संयुक्त GDP लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर है।

उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी से जुड़े BIMSTEC देश हजारों वर्षों की साझा सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। इन्हीं मजबूत संबंधों के आधार पर संगठन विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहा है।

आतंकवाद और साइबर खतरे से मिलकर लड़ने की जरूरत

डोभाल ने कहा कि BIMSTEC देशों ने आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर खतरों, समुद्री सुरक्षा और अन्य उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण और आर्थिक सुरक्षा जैसे BIMSTEC के प्रमुख लक्ष्य भविष्य में भी सामूहिक प्रयासों को दिशा देते रहेंगे।

भारत की पड़ोसी नीति का हिस्सा है BIMSTEC

NSA ने कहा कि BIMSTEC भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति, ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और MAHASAGAR विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि अगले वर्ष BIMSTEC अपनी स्थापना के 30 वर्ष पूरे करेगा और इस अवसर पर सदस्य देशों को सहयोग के नए अवसर तलाशने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

BIMSTEC में सात सदस्य देश शामिल

BIMSTEC यानी Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation की स्थापना 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा के साथ हुई थी।

शुरुआत में इसे BIST-EC (Bangladesh-India-Sri Lanka-Thailand Economic Cooperation) के नाम से जाना जाता था। बाद में इसमें म्यांमार, भूटान और नेपाल के शामिल होने के बाद इसका नाम BIMSTEC हुआ। वर्तमान में इसमें सात सदस्य देश शामिल हैं।

(इनपुट: एजेंसी)